लखनऊ/शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले स्थानों के नाम परिवर्तन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए एक और बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शाहजहांपुर जिले के प्रसिद्ध कस्बे जलालाबाद का नाम बदलकर ‘परशुरामपुरी’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। सरकार के इस फैसले के बाद अब जलालाबाद की नई पहचान परशुरामपुरी के रूप में होगी।
भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध है जलालाबाद
सरकार द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, शाहजहांपुर जिले की नगर पालिका परिषद जलालाबाद क्षेत्र का यह कस्बा भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध माना जाता है। पौराणिक ग्रंथों और धार्मिक मान्यताओं में भी इस स्थान का उल्लेख प्रमुखता से मिलता है। लंबे समय से जनप्रतिनिधियों और स्थानीय निवासियों द्वारा मांग की जा रही थी कि जलालाबाद का नाम भगवान परशुराम के सम्मान में बदलकर परशुरामपुरी रखा जाए। इसी मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 19 अगस्त 2025 को प्राप्त प्रस्ताव पर विचार किया और अब उसे औपचारिक रूप से स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके साथ ही नगर पालिका परिषद जलालाबाद क्षेत्रांतर्गत कस्बे का नाम आधिकारिक रूप से परशुरामपुरी कर दिया गया है।
सरकार ने जारी की आधिकारिक अधिसूचना
राज्य सरकार की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए जलालाबाद का नाम परिवर्तन किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान को और अधिक मजबूती मिलेगी तथा स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग भी पूरी होगी।
उत्तर प्रदेश में पहले भी बदले जा चुके हैं कई शहरों और स्थानों के नाम
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार इससे पहले भी कई शहरों, रेलवे स्टेशनों और क्षेत्रों के नाम बदल चुकी है। इनमें प्रमुख रूप से इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज, फैजाबाद का नाम अयोध्या और मुगलसराय का नाम पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर किया गया था। इसके अलावा झांसी रेलवे स्टेशन का नाम वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन रखा गया।हाल ही में गोरखपुर नगर निगम के करीब 50 वार्डों के नामों में भी बदलाव किया गया था, जिनमें मियां बाजार का नाम माया बाजार और अलीनगर का नाम आर्य नगर रखा गया। वहीं, हरदोई जिले के हाजीपुर का नाम सियारामपुर तथा फिरोजाबाद जिले के उरमुरा किरार का नाम बदलकर हरिनगर किया जा चुका है।


