मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के लोहियानगर थाना क्षेत्र स्थित जाकिर कॉलोनी में 21 वर्षीय युवती अफशा की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसकी मां कासिफा और भाई कैफ को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, इस सनसनीखेज हत्याकांड में शामिल एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने और घटना को हादसा साबित करने की कोशिश की थी।
शादी से इनकार और प्रेम संबंध के शक ने ली जान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अफशा के परिवार को शक था कि वह उवैश नाम के युवक से फोन पर बातचीत करती थी। इसी को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। जांच में पता चला है कि शुक्रवार रात और शनिवार सुबह अफशा का अपने परिजनों से शादी को लेकर विवाद हुआ था। इसी विवाद के बाद उसकी हत्या की साजिश रची गई।
सोते समय भाई ने मारी गोली
पुलिस जांच के मुताबिक, शनिवार सुबह अफशा अपने कमरे में सो रही थी, तभी उसके छोटे भाई आरिश ने उसके सिर के पीछे गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या के बाद परिवार के लोगों ने घटना को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की और अफशा को गंभीर हालत में अस्पताल लेकर पहुंचे। परिजनों ने दावा किया कि वह छत से गिरकर घायल हुई है।हालांकि, अस्पताल में डॉक्टरों ने सिर में गोली लगने की पुष्टि करते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दे दी। इसके बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
साक्ष्य मिटाने की भी हुई कोशिश
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि हत्या के बाद कमरे में फैले खून को साफ करने का प्रयास किया गया था। आरोपियों ने फर्श पर पड़े खून को पोछकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की, लेकिन घटनास्थल पर खून के निशान मिलने से पुलिस को संदेह हुआ और मामला खुल गया।
मुख्य आरोपी आरिश पहले ही हो चुका है गिरफ्तार
पुलिस ने वारदात के तुरंत बाद मुख्य आरोपी आरिश को भूमिया पुल क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया था। उसके कब्जे से हत्या में इस्तेमाल किया गया तमंचा भी बरामद किया गया। बाद में पुलिस ने आरिश, उसकी मां कासिफा और अन्य परिजनों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
परिवार में इकलौती बहन थी अफशा
अफशा अपने परिवार में चार भाइयों के बीच इकलौती बहन और सबसे बड़ी संतान थी। उसके पिता नूर मोहम्मद का करीब 12 वर्ष पहले निधन हो चुका था। परिवार मच्छरदानी बनाने और बेचने का काम करता है। पुलिस के अनुसार, परिवार का एक सदस्य अब्दुल पिछले 21 दिनों से ओडिशा में जमात पर गया हुआ था, जिसके कारण फिलहाल उसकी संलिप्तता सामने नहीं आई है। वहीं, अफशा के अंतिम संस्कार में परिवार से केवल एक भाई ही शामिल हुआ, जबकि अन्य आरोपी या फरार सदस्य मौजूद नहीं थे।
पुलिस कर रही है मामले की गहन जांच
मेरठ पुलिस का कहना है कि यह मामला प्रथम दृष्टया ऑनर किलिंग से जुड़ा प्रतीत होता है। पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हत्या की साजिश में और कौन-कौन शामिल था। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है।


