सरहिंद नहर कांड: पति की मौत के 10 महीने बाद महिला पर तीन बच्चों को नहर में फेंकने का आरोप
मोहाली/रोपड़। पंजाब के मोहाली जिले के मटौर गांव से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। एक महिला पर आरोप है कि वह अपने तीन मासूम बच्चों को मेला दिखाने के बहाने घर से लेकर गई और बाद में रोपड़ स्थित सरहिंद नहर में उन्हें फेंक दिया। इस घटना में दो बच्चों के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि तीसरे बच्चे की तलाश जारी है। हालांकि पुलिस का कहना है कि फिलहाल महिला के खिलाफ लगाए गए आरोप उसके ससुराल पक्ष के बयानों पर आधारित हैं और मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
मेला दिखाने की बात कहकर बच्चों को घर से लेकर निकली थी महिला
पुलिस के अनुसार, महिला सोमवार दोपहर अपने तीन बच्चों को मेला दिखाने की बात कहकर घर से निकली थी। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने पुलिस को सूचना दी। जांच के दौरान महिला के मोबाइल फोन की लोकेशन रोपड़ क्षेत्र में मिली, जिसके आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, महिला नहर किनारे मिली। प्रारंभिक पूछताछ में उसने बताया कि उसने भी आत्महत्या के इरादे से नहर में छलांग लगाई थी, लेकिन वह तैरकर बाहर निकल आई।
दो बच्चों के शव मिले, तीसरे की तलाश जारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल ने सरहिंद नहर में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। देर शाम तक 10 वर्षीय तपिश और छह वर्षीय तनवी के शव बरामद कर लिए गए, जबकि चार वर्षीय नितिन का देर रात तक कोई पता नहीं चल सका। बचाव दल लगातार नहर में तलाश अभियान चला रहा है। इस घटना की खबर मिलते ही परिवार के घर पर रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। पूरे मटौर गांव में शोक और स्तब्धता का माहौल है।
दादा ने लगाए गंभीर आरोप, पुलिस कर रही सत्यापन
मृतक बच्चों के दादा रामबाबू ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि उनकी बहू शकुंतला उर्फ सुमन ही बच्चों को अपने साथ लेकर गई थी और उसी ने उन्हें नहर में फेंका। उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले कुछ समय से महिला का व्यवहार सामान्य नहीं था और वह कई बार बच्चों को नुकसान पहुंचाने जैसी बातें करती थी। हालांकि पुलिस का कहना है कि ये आरोप फिलहाल परिजनों के बयानों पर आधारित हैं और सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।
पति की 10 महीने पहले हुई थी मौत
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि महिला के पति का करीब 10 महीने पहले निधन हो चुका था। अधिकारियों के अनुसार, महिला मानसिक तनाव से गुजर रही हो सकती है, लेकिन इस संबंध में अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। पुलिस महिला की मानसिक स्थिति, पारिवारिक परिस्थितियों और घटना के कारणों की गहन जांच कर रही है।
मासूम बच्चों की आखिरी यात्रा बन गया मेला देखने का सफर
स्थानीय लोगों के अनुसार, 10 वर्षीय तपिश, छह वर्षीय तनवी और चार वर्षीय नितिन अपनी मां के साथ खुशी-खुशी घर से निकले थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा। गांव के लोगों का कहना है कि तीनों बच्चे अक्सर गली-मोहल्ले में खेलते और हंसते-मुस्कुराते दिखाई देते थे। करीब 10 महीने पहले बच्चों के सिर से पिता का साया उठ चुका था। इसके बाद दादा-दादी और परिवार के अन्य सदस्य ही उनका सहारा बने हुए थे। परिवार दिहाड़ी मजदूरी कर किसी तरह जीवनयापन कर रहा था।
गांव में पसरा मातम, लोगों की आंखें नम
दो बच्चों के शव बरामद होने की सूचना जैसे ही मटौर गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। पड़ोसी, रिश्तेदार और परिचित परिवार के घर पहुंचने लगे। हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल था कि आखिर इन मासूम बच्चों की क्या गलती थी। घर के बाहर पसरा सन्नाटा और परिजनों का विलाप हर आने वाले को भावुक कर रहा था। गांव के लोग अब भी सबसे छोटे बच्चे के मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
गौरतलब है कि 24 मई को राजपुरा के मंडोली गांव के पास भी एक दर्दनाक घटना सामने आई थी। उस मामले में एक दंपती ने भाखड़ा मेन लाइन नहर में छलांग लगा दी थी। स्थानीय लोगों ने पति-पत्नी को बचा लिया था, लेकिन उनके तीन नाबालिग बच्चों की डूबने से मौत हो गई थी।
पुलिस का बयान
डीएसपी सिटी-1 गुरचरन सिंह ने बताया कि महिला को फिलहाल पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में रखा गया है। उन्होंने कहा कि अभी तक महिला के खिलाफ लगाए गए आरोप ससुराल पक्ष के बयानों पर आधारित हैं। मामले की जांच जारी है और सभी तथ्यों की पुष्टि की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।


