आगरा। बरहन कस्बे में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए प्रस्तावित बरहन-आंवलखेड़ा रोड बाईपास का निर्माण कार्य बुधवार को किसानों के विरोध के चलते शुरू नहीं हो सका। बिना मुआवजा और सहमति के भूमि अधिग्रहण का आरोप लगाते हुए किसानों ने बुलडोजर के सामने खड़े होकर काम रुकवा दिया। करीब दो घंटे तक चली वार्ता के बाद पीडब्ल्यूडी, राजस्व विभाग और प्रशासनिक अधिकारी बिना निर्माण कार्य कराए वापस लौट गए।
25 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा 3.9 किलोमीटर लंबा बाईपास
जानकारी के अनुसार, बरहन कस्बे में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के उद्देश्य से लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से 3.9 किलोमीटर लंबे बाईपास का निर्माण प्रस्तावित है। बुधवार को पीडब्ल्यूडी, राजस्व विभाग, उपजिलाधिकारी सुमित सिंह, तहसीलदार देवेंद्र सिंह और पुलिस बल निर्माण कार्य शुरू कराने मौके पर पहुंचे। राजस्व टीम ने खेतों में चूना डालकर सीमांकन किया और बुलडोजर से मिट्टी कार्य प्रारंभ कराने की तैयारी शुरू की। इसी दौरान प्रभावित किसानों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
किसानों ने कहा- पहले मुआवजा, फिर भूमि अधिग्रहण
प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना था कि प्रशासन ने सभी किसानों की सहमति नहीं ली है और अभी तक किसी को भूमि का मुआवजा भी नहीं दिया गया है। उनका आरोप था कि बिना कानूनी प्रक्रिया पूरी किए प्रशासन जबरन जमीन अधिग्रहित करने का प्रयास कर रहा है। किसानों ने स्पष्ट कहा कि “पहले मुआवजा दिया जाए, उसके बाद ही जमीन पर निर्माण कार्य शुरू होने दिया जाएगा।”
महिलाओं ने भी किया विरोध
विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना अनुमति किसी के खेत में प्रवेश करना गलत है। महिलाओं का कहना था कि उनकी सहमति के बिना खेतों में निर्माण कार्य कराना उचित नहीं है।
एसडीएम ने दिया आश्वासन
मौके पर मौजूद उपजिलाधिकारी सुमित सिंह ने किसानों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह से प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। अधिकारियों का तर्क था कि इस समय खेत खाली हैं, इसलिए मिट्टी कार्य आसानी से पूरा किया जा सकता है। हालांकि किसान अपने रुख पर कायम रहे और बिना मुआवजा कार्य शुरू करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके बाद प्रशासनिक टीम को निर्माण कार्य रोककर वापस लौटना पड़ा।
मुआवजा प्रक्रिया के बाद होगा भूमि अधिग्रहण
एसडीएम ने बताया कि किसानों की आपत्ति को देखते हुए अब पहले मुआवजा वितरण की कार्रवाई पूरी की जाएगी। इसके बाद ही भूमि अधिग्रहण और बाईपास निर्माण का कार्य आगे बढ़ाया जाएगा।


