उत्तर प्रदेश में पिछले 48 घंटों से जारी भारी बारिश और खराब मौसम के बीच योगी सरकार ने राहत एवं बचाव व्यवस्था को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रशासन प्रभावित जिलों में लगातार निगरानी कर रहा है। अधिकारियों को प्रभावित परिवारों तक तत्काल राहत पहुंचाने और आम लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
भारी बारिश से 63 जिलों में असर, कई इलाकों में जलभराव
राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने शनिवार को प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों के साथ राहत एवं बचाव व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलने और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राहत आयुक्त ने कहा कि प्रतिकूल मौसम की स्थिति में आमजन की जान-माल की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रभावित क्षेत्रों में अधिकारियों को लगातार स्थिति का जायजा लेने और जरूरत के अनुसार तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
नेपाल में भारी बारिश से सीमावर्ती जिलों में बढ़ी चिंता
नेपाल में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका के मद्देनजर प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। संबंधित जिलाधिकारियों को नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी करने और किसी भी संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
36 घंटे बाद मौसम में सुधार के संकेत
भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले करीब 36 घंटे बाद प्रदेश के मौसम में सुधार आने और स्थिति सामान्य होने की संभावना है। राहत आयुक्त ने लोगों से अपील की है कि बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और प्रशासन तथा मौसम विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक राहत हेल्पलाइन नंबर 1070 पर संपर्क कर सकते हैं।
24 घंटे में सामान्य से 19 गुना अधिक बारिश
राहत आयुक्त के अनुसार प्रदेश के 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों में पूरे उत्तर प्रदेश में सामान्य के मुकाबले करीब 19 गुना अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई।
बारिश की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि:
- फर्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना अधिक बारिश दर्ज की गई।
- कानपुर नगर में सामान्य से 160 गुना अधिक वर्षा हुई।
- कन्नौज, कानपुर देहात और हरदोई में सामान्य से 130 गुना अधिक बारिश दर्ज की गई।
- भदोही, देवरिया और अलीगढ़ में सामान्य बारिश दर्ज हुई।
- गाजीपुर में सबसे कम बारिश रिकॉर्ड की गई।
- बागपत, गाजियाबाद, मथुरा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, गौतमबुद्धनगर और हापुड़ में बारिश नहीं हुई।
117 मकान क्षतिग्रस्त, प्रभावित परिवारों को मिलेगी राहत
पिछले 48 घंटों के दौरान अतिवृष्टि और आंधी-तूफान से प्रदेश में 117 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है।
राहत आयुक्त ने संबंधित जिलाधिकारियों को प्रभावित परिवारों को नियमानुसार अनुमन्य सहायता राशि जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बारिश से हुए नुकसान का तत्काल सर्वे और आकलन कराने को कहा गया है, ताकि प्रभावित लोगों को समय पर राहत मिल सके।
किसानों की फसल क्षति का भी होगा आकलन
भारी बारिश से फसलों को हुए संभावित नुकसान को देखते हुए फील्ड अधिकारियों को त्वरित सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि फसल क्षति का आकलन जल्द पूरा किया जाए, जिससे प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
राहत और बचाव दल अलर्ट, डीएम को फील्ड में रहने के निर्देश
प्रशासन ने आवश्यकता पड़ने पर फायर सर्विस, पीएसी, सिविल डिफेंस, होमगार्ड और आपदा मित्रों की सेवाएं लेने के निर्देश दिए हैं। राहत और बचाव दलों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण और निगरानी करने के लिए कहा गया है। जिलाधिकारियों को स्वयं फील्ड में रहकर हालात का आकलन करने और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार तत्काल निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं।
कच्चे मकानों और जलभराव वाले इलाकों पर विशेष निगरानी
बारिश के दौरान कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन ने विशेष निर्देश जारी किए हैं। लेखपालों और ग्राम विकास अधिकारियों को कच्चे मकानों के आसपास जलभराव की स्थिति की तत्काल जानकारी लेने को कहा गया है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाएगा। इसके साथ ही जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें, जलभराव वाले रास्तों और नदियों के आसपास जाने से बचें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।


