कासगंज। जिले के ततारपुर बांध क्षेत्र से एक बेहद दुखद और हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां नहर के एक गहरे कुंड में डूबने से दो किशोर बच्चों की मौत हो गई। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि दोनों बच्चे मछली पकड़ने के लिए नहर के किनारे पहुंचे थे, लेकिन गहरे पानी में फंसने के कारण उनकी जान चली गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, ततारपुर बांध के पास स्थित नहर में करीब 15 से 20 फीट गहरा कुंड बना हुआ है। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे पुलिस को सूचना मिली कि नहर में दो शव दिखाई दे रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद दोनों शवों को पानी से बाहर निकाला गया।
दोस्त को बचाने में गई दूसरी जान
प्रारंभिक जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि दोनों किशोर मछली पकड़ने के उद्देश्य से नहर में उतरे थे। इसी दौरान एक बच्चा अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे बचाने के लिए दूसरा किशोर भी पानी में कूद पड़ा, लेकिन तेज गहराई और पानी के दबाव के कारण दोनों खुद को नहीं बचा सके और नहर में समा गए।
दो दिन पुराने लग रहे हैं शव
पुलिस के मुताबिक, बरामद किए गए दोनों शव लगभग दो दिन पुराने प्रतीत हो रहे हैं। शवों पर किसी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं, जिससे प्रथम दृष्टया डूबने से मौत की आशंका मजबूत हो रही है। हालांकि, मौत के सही कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
घटनास्थल से मिले अहम सुराग
मौके से पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण वस्तुएं भी मिली हैं। बड़े किशोर के दाहिने हाथ में मछली पकड़ने का कांटा मिला, जबकि पास में एक हरे रंग की स्ट्रिंग वाली कोल्ड ड्रिंक की बोतल भी बरामद हुई है। इसके अलावा उसकी जेब से एक मोबाइल फोन भी मिला है, जो पहचान में मददगार साबित हो सकता है।
शिनाख्त में जुटी पुलिस
पुलिस दोनों मृतकों की पहचान करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। बड़े किशोर की उम्र करीब 16 वर्ष बताई जा रही है। वह सांवले रंग का था और उसने काले-सफेद चेकदार शर्ट के साथ बेल्ट लगी काली जींस पहन रखी थी। उसके कान में पीले रंग की धातु की बाली भी मिली है। वहीं दूसरे बच्चे की उम्र लगभग 12 वर्ष आंकी गई है। वह भी सांवले रंग का था और उसने हरे रंग की फुल स्लीव शर्ट तथा काले रंग की पैंट पहन रखी थी।
क्षेत्र में शोक का माहौल
दो मासूम किशोरों की एक साथ हुई मौत से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय लोग नहर के गहरे और खतरनाक हिस्सों के आसपास सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने तथा चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।


