राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को पुलिस प्रशासन में बड़ा बदलाव किया गया। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अनुराग कुमार को दिल्ली पुलिस का नया पुलिस आयुक्त (Commissioner of Police) नियुक्त किया है। इसके साथ ही मौजूदा पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा को उनके निर्धारित कार्यकाल से पहले पद से हटा दिया गया है।
गृह मंत्रालय ने जारी किया नियुक्ति आदेश
गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, एजीएमयूटी कैडर के 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग कुमार को सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद दिल्ली पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति कार्यभार संभालने की तारीख से प्रभावी होगी और अगले आदेश तक वह इस पद पर बने रहेंगे।
कौन हैं नए दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार?
अनुराग कुमार लंबे समय तक इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। नियुक्ति से पहले वह स्पेशल डायरेक्टर, आईबी के पद पर कार्यरत थे। अपने करियर की शुरुआत में उन्होंने दिल्ली पुलिस में डीसीपी नॉर्थ ईस्ट और डीसीपी नॉर्थ के रूप में सेवा दी। इसके बाद वह प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर आईबी चले गए, जहां उन्होंने लगातार कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया और संगठन में शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचे। हाल ही में उनका तबादला वापस एजीएमयूटी कैडर में किया गया था, जिसके बाद अब उन्हें दिल्ली पुलिस की कमान सौंपी गई है।
सतीश गोलचा को क्या जिम्मेदारी मिलेगी?
गृह मंत्रालय के आदेश में कहा गया है कि 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी सतीश गोलचा नए पुलिस आयुक्त के कार्यभार संभालने के बाद आगे की नियुक्ति के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) को रिपोर्ट करेंगे। गौरतलब है कि सतीश गोलचा का कार्यकाल 2027 तक माना जा रहा था, लेकिन उससे पहले ही उन्हें पद से हटा दिया गया है।
अगस्त 2025 में बने थे दिल्ली पुलिस कमिश्नर
सतीश गोलचा को अगस्त 2025 में दिल्ली पुलिस का कमिश्नर नियुक्त किया गया था। उन्होंने उस समय एसबीके सिंह का स्थान लिया था। इससे पहले वह तिहाड़ जेल के महानिदेशक (DG) और अरुणाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
दिल्ली पुलिस में बदलाव के क्या हैं मायने?
अनुराग कुमार की नियुक्ति को सुरक्षा और खुफिया मामलों में उनके लंबे अनुभव के कारण अहम माना जा रहा है। इंटेलिजेंस ब्यूरो में वर्षों तक काम करने के बाद अब वह देश की सबसे महत्वपूर्ण पुलिस इकाइयों में से एक, दिल्ली पुलिस का नेतृत्व करेंगे। ऐसे में राजधानी की कानून-व्यवस्था, वीआईपी सुरक्षा और आतंरिक सुरक्षा से जुड़े मामलों में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।


