लखनऊ/जेवर: उत्तर प्रदेश के जेवर में निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम को लेकर योगी सरकार ने अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कैबिनेट बैठक के बाद जानकारी दी कि एयरपोर्ट का नाम ‘नरेंद्र मोदी जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ रखने का प्रस्ताव पारित किया गया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योगदान का उल्लेख करते हुए अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा को भारत वापस लाने जैसे विषयों पर भी बात की।
Noida International Airport का नाम बदलने का प्रस्ताव पारित
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट बैठक के बाद प्रेसवार्ता में बताया कि जेवर में बन रहे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम ‘नरेंद्र मोदी जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ रखने का प्रस्ताव पारित किया गया है। इस फैसले के साथ ही एयरपोर्ट का नामकरण चर्चा में आ गया है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के जरिए करीब 500 वर्षों की प्रतीक्षा समाप्त हुई। उन्होंने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण और विदेश से मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा वापस लाकर स्थापित कराने को भी प्रधानमंत्री के प्रयासों से जुड़ा महत्वपूर्ण उदाहरण बताया।
2017 के बाद उत्तर प्रदेश में विकास परियोजनाओं पर जोर
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं की कमी थी, जबकि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में विभिन्न विकास परियोजनाओं का विस्तार हुआ है। उन्होंने उत्तर प्रदेश और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच मजबूत संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने प्रदेश को प्राथमिकता दी है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, राज्य में एक्सप्रेसवे, हाईवे, क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) और मेट्रो जैसी परिवहन सुविधाओं का विस्तार हुआ है। इसके साथ ही जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का विकास और हवाई सेवाओं का विस्तार प्रदेश की कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित हो रहा उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर सड़क और परिवहन नेटवर्क के चलते उत्तर प्रदेश लॉजिस्टिक हब के रूप में अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है। राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। उन्होंने लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण इकाई और पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क जैसी परियोजनाओं का उल्लेख किया। सरकार के अनुसार, इन परियोजनाओं से औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
गरीबों, महिलाओं और किसानों के लिए योजनाओं का जिक्र
प्रेसवार्ता के दौरान योगी आदित्यनाथ ने गरीबों, वंचितों, पिछड़े वर्गों और महिलाओं के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण के फैसले का जिक्र करते हुए इसे सामाजिक और आर्थिक अवसरों से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, किसानों को एक लाख करोड़ रुपये की राशि दी गई है। उन्होंने प्रदेश में 65 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने, 3.67 करोड़ राशन कार्डधारकों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त खाद्यान्न देने और लाखों परिवारों तक नल से जल पहुंचाने की जानकारी भी दी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं के तहत 6.08 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं।
जेवर एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी और निवेश को मिल सकती है गति
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हवाई संपर्क और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार से जुड़ी प्रमुख परियोजना माना जा रहा है। इसके विकास से क्षेत्र में परिवहन सुविधाओं, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलने की संभावनाएं हैं। फिलहाल, एयरपोर्ट का नाम ‘नरेंद्र मोदी जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ रखने के प्रस्ताव को लेकर मुख्यमंत्री की घोषणा प्रमुख घटनाक्रम है। नामकरण की आगे की आधिकारिक प्रक्रिया और अंतिम अधिसूचना की स्थिति की पुष्टि संबंधित सरकारी जानकारी से की जानी चाहिए।


