लखनऊ: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी तस्वीर अब काफी हद तक साफ हो गई है। मंगलवार, 6 अक्टूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सभी आठ प्रत्याशियों ने विधान भवन में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया। नामांकन का मंगलवार आखिरी दिन था। भाजपा की ओर से धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को उम्मीदवार बनाया गया है। पार्टी ने इन नामों का ऐलान 5 अक्टूबर को किया था।
प्रदेश भाजपा कार्यालय से विधान भवन तक दिखा उत्साह
नामांकन से पहले सभी आठ भाजपा प्रत्याशी प्रदेश मुख्यालय पहुंचे। यहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ उम्मीदवारों का स्वागत किया। इसके बाद प्रत्याशी पार्टी नेताओं और समर्थकों के साथ विधान भवन के लिए रवाना हुए। नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत योगी सरकार के कई मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता मौजूद रहे।
कौन-कौन हैं भाजपा के आठ उम्मीदवार?
भाजपा ने उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए आठ उम्मीदवार उतारे हैं। पार्टी की सूची में धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं। इस सूची में दो महिला उम्मीदवार प्रियंका सिंह रावत और श्रुति गंगवार भी शामिल हैं। वहीं उम्मीदवारों में संगठन और राज्य स्तर पर लंबे समय से सक्रिय नेताओं को भी जगह दी गई है।
सपा ने नहीं उतारा तीसरा उम्मीदवार
उत्तर प्रदेश की राज्यसभा की 10 सीटों को लेकर समाजवादी पार्टी पहले ही रामगोपाल यादव और धनराज नथवाणी को उम्मीदवार बना चुकी है। मंगलवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारने का संकेत स्पष्ट हो गया। तीसरा उम्मीदवार नहीं आने की स्थिति में उत्तर प्रदेश की सभी 10 राज्यसभा सीटों के लिए निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है। हालांकि अंतिम तस्वीर नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।
16 अक्टूबर को होना है मतदान
राज्यसभा चुनाव के कार्यक्रम के मुताबिक 6 अक्टूबर नामांकन की अंतिम तारीख है। इसके बाद 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। चुनाव की स्थिति बनने पर 16 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा। उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के साथ इस चुनाव में उत्तराखंड की एक सीट और पश्चिम बंगाल की एक सीट भी शामिल है।


