33 C
Agra
Homeउत्तर प्रदेशलखनऊ में बाढ़ से बचाव के लिए 40 किमी लंबा तटबंध, फैजुल्लागंज...

लखनऊ में बाढ़ से बचाव के लिए 40 किमी लंबा तटबंध, फैजुल्लागंज से नैमिष तक बनेगा ग्रीन कॉरिडोर

लखनऊ: राजधानी लखनऊ में हर साल बाढ़ और जलभराव की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के बाद फैजुल्लागंज से नैमिष तक करीब 40 किलोमीटर लंबे तटबंध के निर्माण की घोषणा की है। मुख्यमंत्री के मुताबिक तटबंध परियोजना को मंजूरी दे दी गई है और मानसून समाप्त होने के बाद इसके लिए धनराशि जारी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।

गोमती किनारे बनेगा मजबूत तटबंध

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव को गोमती नदी के किनारे सर्वे कर तटबंध का विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। प्रस्तावित तटबंध को ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। इसके ऊपर आवागमन के लिए सड़क भी बनाई जाएगी। तटबंध के बाहरी हिस्से में बारिश का पानी जमा होने से रोकने के लिए पंपिंग सेट लगाए जाएंगे। नदी का जलस्तर बढ़ने के दौरान इन पंपों के जरिए आबादी वाले इलाकों में जमा पानी को बाहर निकाला जा सकेगा।

बीकेटी में बाढ़ प्रभावित परिवारों से मिले मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने सोमवार को फैजुल्लागंज से नैमिष तक हवाई सर्वे किया और इसके बाद बीकेटी के बाढ़ प्रभावित इलाकों का स्थलीय दौरा किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर राहत सामग्री वितरित की और अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित परिवारों को स्कूलों और मैरिज हॉल में बनाए गए राहत शिविरों में सुरक्षित पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने शिविरों में प्रभावित लोगों की आवश्यक जरूरतों का विशेष ध्यान रखने को कहा।

राहत शिविरों में भोजन से लेकर पशुओं के चारे तक की व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि राहत शिविरों में परिवारों को दोनों समय गर्म भोजन उपलब्ध कराया जाए। बच्चों के लिए दूध और गर्भवती महिलाओं के लिए पौष्टिक आहार की व्यवस्था करने के साथ ही पशुओं के लिए भूसा और चोकर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ में डूबने या आकाशीय बिजली गिरने से जनहानि होने पर पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के पात्र परिवारों को आवास योजना के तहत घर उपलब्ध कराया जाएगा। पशुहानि और फसल नुकसान का सर्वे कर नियमानुसार मुआवजा देने की प्रक्रिया भी की जाएगी।

खाली मकानों की सुरक्षा के लिए रात में गश्त

राहत शिविरों में जाने वाले परिवारों के खाली मकानों की सुरक्षा को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन घरों की निगरानी के लिए पुलिस, होमगार्ड, पीआरडी जवान और चौकीदार रात में गश्त करेंगे, ताकि बाढ़ के दौरान किसी तरह की चोरी या अन्य घटना न हो।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत रखने के निर्देश दिए। प्रभावित स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध रखने को कहा गया है। कुत्ते या अन्य जानवर के काटने की स्थिति में एंटी-रेबीज इंजेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल कैंप और पशु चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे, ताकि लोगों और उनके पशुओं को समय पर उपचार मिल सके।

26 जरूरी सामान वाली राहत किट का वितरण

बाढ़ प्रभावित परिवारों को सरकार की ओर से 26 जरूरी वस्तुओं वाली राहत किट उपलब्ध कराई जा रही है। इसमें 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 10 किलो आलू, दो किलो अरहर दाल, एक लीटर तेल, नमक, मसाले और बरसाती समेत अन्य आवश्यक सामान शामिल हैं। राहत शिविरों में बिजली की समस्या होने पर पेट्रोमैक्स और सोलर लाइट की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि प्रभावित लोगों को रात के समय परेशानी न हो।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments