ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यापार और निवेश के मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित करने के उद्देश्य से UP International Trade Show (UPITS) 2026 का चौथा संस्करण ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में शुरू हो गया है। 25 सितंबर से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले इस ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, पारंपरिक उत्पादों, MSME सेक्टर और स्थानीय कारीगरों के हुनर को अंतरराष्ट्रीय मंच मिल रहा है। ट्रेड शो के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में क्षमता की कभी कमी नहीं रही, जरूरत सिर्फ उसे सही अवसर और बाजार उपलब्ध कराने की थी। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश ‘ट्रेडिशन और टेक्नोलॉजी’ के मेल के साथ मैन्युफैक्चरिंग और कारोबार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
ODOP से पारंपरिक हुनर को मिला नया बाजार
सीएम योगी ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उद्यमों और कारीगरों की क्षमता का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने 2017 के उस दौर को याद किया, जब बीजेपी के लोक कल्याण संकल्प पत्र की तैयारी के दौरान अमित शाह ने उत्तर प्रदेश की पारंपरिक औद्योगिक ताकत को राज्य की बड़ी संभावनाओं में से एक बताया था। योगी आदित्यनाथ के मुताबिक इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश में ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन’ जैसी पहलों को बढ़ावा दिया गया। इन योजनाओं के जरिए स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक कारीगरों को ब्रांडिंग, बाजार और व्यापक ग्राहक आधार उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
मेक इन इंडिया से बढ़ी विनिर्माण क्षेत्र की रफ्तार: अमित शाह
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि करीब 12 साल पहले शुरू हुआ मेक इन इंडिया अभियान भारत को उत्पादन, डिजाइन और नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में निवेश और उद्योग के लिए बदले माहौल का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था, औद्योगिक नीतियों और निवेशकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में किए गए प्रयासों से कारोबारी वातावरण में बदलाव आया है।
अमित शाह ने पिछले UP International Trade Show का जिक्र करते हुए बताया कि पिछले संस्करण में 5 लाख से अधिक लोग शामिल हुए थे और 2,400 से ज्यादा एमओयू हुए थे। उन्होंने उम्मीद जताई कि UPITS का मौजूदा संस्करण पिछले आंकड़ों को पीछे छोड़ते हुए प्रदेश के औद्योगिक विस्तार और एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को गति देगा।
90 देशों के 600 से ज्यादा बायर्स की भागीदारी
इस साल UPITS का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी देखने को मिल रहा है। आयोजन में 90 देशों के 600 से अधिक बायर्स के साथ करीब 1.5 लाख B2B विजिटर्स के शामिल होने की जानकारी दी गई है। पिछले संस्करण में 72 देशों से 550 बायर्स के शामिल होने की बात सामने आई थी। इस लिहाज से इस बार अंतरराष्ट्रीय भागीदारी का दायरा बढ़ा है।
जापान से लेकर रूस तक, कई देश पार्टनर कंट्री
UP International Trade Show 2026 में जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस जैसे देशों की भागीदारी खास आकर्षण का केंद्र है। इन देशों के विशेष पवेलियन के जरिए व्यापार, तकनीक, निवेश और रणनीतिक साझेदारी से जुड़े अवसरों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के उत्पादों के साथ MSME, हस्तशिल्प, पारंपरिक उद्योग, खाद्य उत्पाद और आधुनिक विनिर्माण क्षेत्र की क्षमताओं को भी प्रदर्शित किया जा रहा है।
वैश्विक बाजार में यूपी के उत्पादों को पहचान दिलाने पर जोर
UPITS का उद्देश्य केवल उत्पादों की प्रदर्शनी तक सीमित नहीं है। B2B बैठकों और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की भागीदारी के जरिए उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को नए बाजार उपलब्ध कराने पर भी फोकस है। ODOP से लेकर आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग तक, यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश की पारंपरिक ताकत और आधुनिक औद्योगिक क्षमता को एक ही मंच पर प्रस्तुत कर रहा है। सरकार की कोशिश है कि स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहतर पहचान मिले और प्रदेश निवेश, निर्यात तथा विनिर्माण के क्षेत्र में अपनी भूमिका को और मजबूत करे।


