भारतीय एथलेटिक्स के लिए मोनाको डायमंड लीग 2026 से बड़ी खुशखबरी सामने आई है। 31 वर्षीय हाई जम्पर सर्वेश कुशारे ने अपने डायमंड लीग डेब्यू को यादगार बनाते हुए 2.26 मीटर की शानदार छलांग लगाई और तीसरे स्थान पर कब्जा जमाया। इसके साथ ही वह डायमंड लीग के इतिहास में पोडियम पर फिनिश करने वाले पहले भारतीय हाई जम्पर बन गए। सर्वेश का यह प्रदर्शन इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने दुनिया के कई दिग्गज खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की।
डायमंड लीग में टॉप-3 में जगह बनाने वाले चौथे भारतीय
सर्वेश कुशारे अब डायमंड लीग में टॉप-3 में फिनिश करने वाले चौथे भारतीय एथलीट बन गए हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि केवल तीन भारतीय खिलाड़ियों के नाम थी।
- नीरज चोपड़ा – 2022 से अब तक 13 बार टॉप-3 फिनिश
- मुरली श्रीशंकर – 2023 में एक बार
- विकास गौड़ा – दो बार पोडियम फिनिश
अब इस प्रतिष्ठित सूची में सर्वेश कुशारे का नाम भी शामिल हो गया है।
शानदार फॉर्म का मिला इनाम
मोनाको डायमंड लीग से पहले ही सर्वेश शानदार लय में नजर आ रहे थे। उन्होंने भुवनेश्वर में आयोजित राष्ट्रीय अंतरराज्यीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 2.31 मीटर की छलांग लगाकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। इस दौरान उन्होंने तेजस्विन शंकर का 2.29 मीटर का आठ साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया था। मोनाको में भी उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन का सिलसिला जारी रखा और कतर के तीन बार के विश्व चैंपियन एवं टोक्यो ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता मुताज एस्सा बरशिम तथा अमेरिका के विश्व चैंपियनशिप रजत पदक विजेता जुवॉन हैरिसन जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को पीछे छोड़ दिया।
ऐसे तय किया पोडियम तक का सफर
सर्वेश कुशारे ने प्रतियोगिता की शुरुआत आत्मविश्वास के साथ की। उन्होंने लगातार शुरुआती चार ऊंचाइयों को पहले ही प्रयास में पार कर लिया।
- 2.12 मीटर – सफल
- 2.16 मीटर – सफल
- 2.20 मीटर – सफल
- 2.23 मीटर – सफल
- 2.26 मीटर – पांचवें प्रयास में सफल
- 2.28 मीटर – असफल
2.26 मीटर की सफल छलांग ने उन्हें तीसरे स्थान तक पहुंचा दिया, जबकि 2.28 मीटर का मार्क वह पार नहीं कर सके।
किसने जीता खिताब?
हाई जम्प स्पर्धा में यूक्रेन के ओलेह डोरोशचुक ने 2.32 मीटर की छलांग लगाकर पहला स्थान हासिल किया। वहीं ब्रिटेन के जैक किमानी ने 2.30 मीटर की छलांग के साथ दूसरा स्थान अपने नाम किया। सर्वेश कुशारे ने 2.26 मीटर के साथ तीसरा स्थान हासिल कर भारतीय एथलेटिक्स के लिए नया इतिहास रच दिया।
अब कॉमनवेल्थ गेम्स पर रहेंगी नजरें
मोनाको डायमंड लीग में ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद अब भारतीय खेल प्रेमियों की निगाहें 23 जुलाई से शुरू होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स पर होंगी। जिस फॉर्म में सर्वेश कुशारे नजर आ रहे हैं, उसे देखते हुए उनसे पदक की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। अगर वह इसी लय को बरकरार रखते हैं तो भारतीय एथलेटिक्स को एक और बड़ी उपलब्धि मिल सकती है।


