हैदराबाद: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में हैदराबाद देश के प्रमुख हाई-स्पीड रेल हब के रूप में विकसित होगा। इसके लिए शहर को पुणे, चेन्नई और बेंगलुरु से जोड़ने वाले तीन बुलेट ट्रेन कॉरिडोर प्रस्तावित किए गए हैं। उनका कहना है कि ये परियोजनाएं न केवल यात्रा का समय कम करेंगी, बल्कि दक्षिण भारत की क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं को भी नई गति देंगी। HYSEA GCCS और IT राउंडटेबल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने तेलंगाना में रेलवे विकास के लिए रिकॉर्ड 5,400 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। उन्होंने इसे राज्य के परिवहन ढांचे के लिए ऐतिहासिक कदम बताया।
तीन हाई-स्पीड कॉरिडोर से बदलेगी तस्वीर
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोरों में पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-चेन्नई और हैदराबाद-बेंगलुरु शामिल हैं। उनके मुताबिक, इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद हैदराबाद दक्षिण भारत का प्रमुख हाई-स्पीड रेल केंद्र बन जाएगा, जिससे व्यापार, उद्योग, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि इन कॉरिडोरों से शहरों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी बनेगी और पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था एक-दूसरे से अधिक प्रभावी तरीके से जुड़ सकेगी।
इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में भी तेलंगाना को बड़ा लाभ
रेल मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कार्यक्रम के तहत देशभर में 100 से अधिक कंपनियों को प्रोत्साहन दिया गया है। इसका सबसे अधिक लाभ पाने वाले राज्यों में तेलंगाना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि बेहतर बुनियादी ढांचा और उद्योग-अनुकूल नीतियां राज्य को निवेश का बड़ा केंद्र बना रही हैं।
5,400 करोड़ रुपये से मजबूत होगा रेलवे नेटवर्क
वैष्णव ने कहा कि तेलंगाना में रेलवे नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 5,400 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। इस राशि का उपयोग नई रेल परियोजनाओं, ट्रैक सुधार, यात्री सुविधाओं और स्टेशन रीडेवलपमेंट जैसे कार्यों में किया जाएगा।
सिकंदराबाद स्टेशन का तेजी से हो रहा रीडेवलपमेंट
रेल मंत्री ने सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि स्टेशन पर निर्माण कार्य ट्रेनों का संचालन बाधित किए बिना किया जा रहा है, जो तकनीकी रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में स्टेशन रीडेवलपमेंट के दौरान रेल यातायात रोक दिया जाता है, लेकिन भारत में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों का संचालन जारी रखते हुए निर्माण किया जा रहा है। मंत्री के अनुसार, स्टेशन पर सभी प्लेटफॉर्मों के ऊपर आधुनिक एयर कॉनकोर्स बनाया जा रहा है, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरे प्रोजेक्ट में सुरक्षा और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
दक्षिण भारत की कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार
यदि प्रस्तावित बुलेट ट्रेन परियोजनाएं समय पर साकार होती हैं, तो हैदराबाद देश के सबसे महत्वपूर्ण हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का केंद्र बन सकता है। इससे यात्रा का समय घटेगा, औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों के बीच आर्थिक गतिविधियां पहले से कहीं अधिक मजबूत होंगी।


