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दिल्ली बनेगी भारत का सबसे बड़ा हाई-स्पीड रेल हब, 4 नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर सरकार का मेगा प्लान

नई दिल्ली: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के बाद केंद्र सरकार अब देश की राजधानी दिल्ली को हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का सबसे बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार दिल्ली-एनसीआर से देश के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने के लिए चार नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। इन परियोजनाओं पर करीब 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है। बजट में घोषित सात प्राथमिकता वाले हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में शामिल इन परियोजनाओं का उद्देश्य उत्तर, पूर्व, पश्चिम और उत्तर-पश्चिम भारत के बीच तेज, सुरक्षित और आधुनिक रेल संपर्क उपलब्ध कराना है।

दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी होगा सबसे लंबा बुलेट ट्रेन कॉरिडोर

सरकार की योजना के अनुसार, प्रस्तावित दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर देश का सबसे लंबा बुलेट ट्रेन मार्ग बन सकता है। इस रूट के जरिए दिल्ली से पूर्वी भारत और आगे पूर्वोत्तर राज्यों तक हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली से पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक सफर पहले की तुलना में काफी तेज और सुविधाजनक होने की उम्मीद है।

दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी बुलेट ट्रेन रूट पर भी फोकस

करीब 813 से 865 किलोमीटर लंबे दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। यह रूट दिल्ली-एनसीआर से शुरू होकर नोएडा, जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, न्यू भदोही और वाराणसी तक जाएगा। इस कॉरिडोर में 13 से 15 स्टेशन बनाए जाने की योजना है। इसके अलावा लखनऊ से अयोध्या तक लगभग 124 से 135 किलोमीटर लंबी अलग हाई-स्पीड रेल लाइन विकसित करने का भी प्रस्ताव है।

दिल्ली-अमृतसर-जम्मू कॉरिडोर से उत्तर भारत को मिलेगा फायदा

सरकार दिल्ली-अमृतसर-जम्मू बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर भी काम कर रही है। प्रस्तावित रूट रोहतक, जींद, कैथल, चंडीगढ़, मोहाली, लुधियाना और जालंधर से होकर अमृतसर तक पहुंचेगा। भविष्य में इसे जम्मू तक विस्तार देने की योजना है, जिससे उत्तर भारत में तेज रेल संपर्क को बढ़ावा मिलेगा।

दिल्ली-जयपुर-अहमदाबाद कॉरिडोर की DPR तैयार

दिल्ली से राजस्थान होते हुए गुजरात तक हाई-स्पीड रेल नेटवर्क विकसित करने के लिए दिल्ली-जयपुर-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा चुकी है। करीब 886 किलोमीटर लंबे इस रूट में द्वारका, गुरुग्राम, मानेसर, रेवाड़ी, नीमराना, जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, उदयपुर और अहमदाबाद सहित 14 से 15 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इस कॉरिडोर को आगे मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना से जोड़ने की योजना है, जिससे भविष्य में दिल्ली से मुंबई तक हाई-स्पीड यात्रा संभव हो सकेगी।

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कब से चलेगी?

देश की पहली मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का पहला चरण सूरत से बिलीमोरा के बीच वर्ष 2027 में शुरू होने की संभावना है। वहीं पूरे कॉरिडोर को 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

दिल्ली बनेगी हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का केंद्र

यदि सरकार की सभी प्रस्तावित परियोजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो दिल्ली देश का सबसे बड़ा हाई-स्पीड रेल हब बन सकती है। इससे करोड़ों यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक यात्रा सुविधा मिलने के साथ-साथ व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

Disclaimer: यह जानकारी विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार की गई है। संबंधित परियोजनाओं की अंतिम समय-सीमा, रूट और स्टेशनों में सरकारी मंजूरी के बाद बदलाव संभव है।

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