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अमित शाह का बड़ा ऐलान: सहकारी क्षेत्र में बनेगी नई जीवन बीमा कंपनी, ‘भारत टैक्सी’ सेवा 500 शहरों तक पहुंचेगी

नई दिल्ली: केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को सहकारी क्षेत्र के विस्तार को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि देश में सहकारी संस्थाओं के कारोबार का दायरा बढ़ाने के लिए एक नई सहकारी जीवन बीमा कंपनी स्थापित की जाएगी। इसके साथ ही, सहकारी मॉडल पर आधारित परिवहन सेवा ‘भारत टैक्सी’ का विस्तार अगले दो वर्षों में देश के 500 शहरों तक किया जाएगा। राष्ट्रीय राजधानी में सहकारिता मंत्रालय के पांचवें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि सहकारी क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए पारदर्शिता और पेशेवर व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सहकारी संस्थाओं में नियुक्तियों से भ्रष्टाचार को समाप्त करना और विश्वसनीयता बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है।

सहकारिता आंदोलन को मिली नई ऊर्जा

अमित शाह ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद देश के सहकारी आंदोलन को नई दिशा और ऊर्जा मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों के दौरान इस क्षेत्र की उपेक्षा की गई थी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत में लगभग 8.5 लाख सहकारी संस्थाएं कार्यरत हैं, जिनसे 30 करोड़ से अधिक सदस्य जुड़े हुए हैं।

‘भारत टैक्सी’ का होगा बड़े स्तर पर विस्तार

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सहकारी मॉडल पर आधारित चालक-केंद्रित परिवहन मंच ‘भारत टैक्सी’ को देशभर में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। उन्होंने घोषणा की कि अगले दो वर्षों में इस सेवा को 500 शहरों तक विस्तारित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में ‘भारत टैक्सी’ के साथ 6.37 लाख पंजीकृत चालक और 35.77 लाख पंजीकृत ग्राहक जुड़े हुए हैं। यह सेवा फिलहाल दिल्ली-एनसीआर, गुजरात, लखनऊ, चंडीगढ़, मुंबई, जयपुर और कानपुर में संचालित हो रही है। आने वाले महीनों में इसे रांची, पटना, गुवाहाटी, भोपाल, कोलकाता, इंदौर और नागपुर में भी शुरू किया जाएगा।

सहकारी क्षेत्र में आएगी नई जीवन बीमा कंपनी

अमित शाह ने कहा, “भारत टैक्सी की तर्ज पर सहकारी क्षेत्र में एक नई जीवन बीमा कंपनी स्थापित की जाएगी, जिससे बीमा क्षेत्र में सहकारी संस्थाओं की भागीदारी और विकास को बढ़ावा मिलेगा।”उन्होंने यह भी बताया कि उर्वरक क्षेत्र की प्रमुख सहकारी संस्था इफको का संयुक्त उपक्रम इफको-टोकियो पहले से ही बीमा क्षेत्र में कार्यरत है। गौरतलब है कि वर्तमान में भारत में कुल 26 जीवन बीमा कंपनियां संचालित हैं।

बीज उत्पादन और अन्य क्षेत्रों में भी बढ़ रही सहकारी संस्थाओं की भागीदारी

सहकारिता मंत्री ने जानकारी दी कि विशेष रूप से बीज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रीय सहकारी संस्था का गठन किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि अगले तीन वर्षों में यह संस्था देश की सबसे बड़ी गैर-सरकारी बीज उत्पादक संस्था बन सकती है। उन्होंने बताया कि सहकारी संस्थाएं अब डेयरी, चीनी, उर्वरक और बैंकिंग जैसे पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर कई नए क्षेत्रों में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं।

पैक्स और जन औषधि केंद्रों का बढ़ता नेटवर्क

अमित शाह के अनुसार, देशभर में 394 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS) ने खुदरा ईंधन बिक्री केंद्र खोलने के लिए आवेदन किया है, जिनमें से तीन केंद्र पहले ही शुरू हो चुके हैं। इसके अलावा, 54,000 से अधिक PACS साझा सेवा केंद्र (CSC) के रूप में कार्य कर रहे हैं, जबकि 4,248 PACS को जन औषधि केंद्र खोलने की मंजूरी मिल चुकी है।उन्होंने कहा कि सरकार ने सहकारी क्षेत्र का एक व्यापक डेटाबेस तैयार किया है, जिससे देशभर में सहकारी संस्थाओं के विकास और विस्तार को गति मिलेगी।

त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय से मिलेगा मानव संसाधन को बल

अमित शाह ने बताया कि गुजरात के आनंद में त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है। इसका उद्देश्य सहकारी क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित और कुशल मानव संसाधन तैयार करना है, जिससे भविष्य की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।

‘विकसित भारत 2047’ में सहकारिता की होगी अहम भूमिका

केंद्रीय मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में सहकारी क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय का उद्देश्य राज्यों के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप करना नहीं, बल्कि नीतिगत सहयोग और समन्वय के माध्यम से सहकारी आंदोलन को मजबूत करना है।

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