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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए चंपत राय और अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा

अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव पद से चंपत राय ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया है। वहीं, ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा ने भी अपने पद से इस्तीफा सौंप दिया है। हालांकि, अब तक दर्ज एफआईआर में दोनों नेताओं का नाम शामिल नहीं है, लेकिन उनके इस्तीफे के बाद जांच एजेंसियों का फोकस उन पर भी बढ़ सकता है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा प्रशासनिक कदम

सूत्रों के अनुसार, विशेष जांच दल (SIT) की शुरुआती रिपोर्ट सामने आने के बाद ट्रस्ट स्तर पर यह बड़ा फैसला लिया गया है। रिपोर्ट में चढ़ावे की निगरानी व्यवस्था में गंभीर खामियां और निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के सही तरीके से लागू न होने की बात कही गई है। माना जा रहा है कि इन्हीं प्रशासनिक कमियों के कारण चढ़ावा चोरी की घटना संभव हो सकी।

कौन हैं चंपत राय, जिन पर उठ रहे हैं सवाल?

चंपत राय राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक रहे हैं। उनका जन्म 1946 में उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में हुआ था। उनका पूरा नाम चंपत राय बंसल है। वह शुरुआती दिनों में बिजनौर स्थित एक कॉलेज में रसायन विज्ञान के प्राध्यापक थे, लेकिन बाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पूर्णकालिक प्रचारक बन गए। 1980 के दशक से वह राम मंदिर आंदोलन से सक्रिय रूप से जुड़े रहे और 6 दिसंबर 1992 की कारसेवा में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। आपातकाल के दौरान उन्हें 18 महीने तक जेल में भी रहना पड़ा था। चंपत राय अविवाहित हैं और लंबे समय से संघ परिवार के प्रमुख कार्यकर्ताओं में गिने जाते रहे हैं।

चढ़ावा चोरी मामले में अब तक 8 गिरफ्तार

पुलिस ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में चंपत राय के करीबी माने जाने वाले रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव भी शामिल हैं। इसके अलावा उनके भतीजे मनीष यादव को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस कार्रवाई में लवकुश मिश्रा, उनके रिश्तेदार अनुकल्प मिश्रा और कैश काउंटिंग व्यवस्था की निगरानी करने वाले सुभाष श्रीवास्तव को भी गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, सुभाष श्रीवास्तव सीधे ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा को रिपोर्ट करते थे।

SIT रिपोर्ट के बाद बढ़ी जांच की रफ्तार

विशेष जांच दल की प्रारंभिक रिपोर्ट में संकेत मिले हैं कि चढ़ावे की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था में गंभीर लापरवाही बरती गई। रिपोर्ट आने के बाद गिरफ्तार सभी आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उन्हें अदालत में पेश किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सख्त संदेश

योगी आदित्यनाथ ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा है कि जनआस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। देवरिया में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि 19 जून को ही उन्होंने SIT रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया था और अब कार्रवाई सबके सामने है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच एजेंसियां इस मामले में शामिल हर व्यक्ति तक पहुंचेंगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सनातन आस्था से खिलवाड़ करने वालों को उनके कृत्यों का परिणाम भुगतना पड़ेगा।

क्या चंपत राय और अनिल मिश्रा पर बढ़ेगी जांच की आंच?

हालांकि वर्तमान में चंपत राय और अनिल मिश्रा का नाम एफआईआर में शामिल नहीं है, लेकिन नैतिक आधार पर दिए गए उनके इस्तीफों ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि चढ़ावा प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था में किस स्तर तक जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

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