नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को राजधानी दिल्ली में पांच स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर वर्ष 2021 में लगभग 3,000 किलोग्राम हेरोइन की ऐतिहासिक बरामदगी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई है। अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत हरप्रीत सिंह तलवार उर्फ कबीर तलवार, शमशुद्दीन और उनके सहयोगियों से जुड़े परिसरों में की गई। ED इस बात की जांच कर रही है कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी से अर्जित धन को किस प्रकार वैध व्यवसायों में निवेश किया गया।
नाइटक्लब और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश का शक
जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि मादक पदार्थों की तस्करी से हुई कमाई का एक हिस्सा दिल्ली के नाइटक्लब और हॉस्पिटैलिटी कारोबार में लगाया गया था। इससे गैर-कानूनी धन के वैध व्यावसायिक क्षेत्रों में उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। ED मुख्यालय की टीम ने मंगलवार से ही तलाशी अभियान शुरू कर दिया था। एजेंसी अब संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही है और मामले से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।
2022 में NIA ने किया था हरप्रीत सिंह तलवार को गिरफ्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अगस्त 2022 में दिल्ली निवासी हरप्रीत सिंह तलवार और प्रिंस शर्मा को गिरफ्तार किया था। दोनों की गिरफ्तारी 13 सितंबर 2021 को गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर 2,988 किलोग्राम हेरोइन जब्त होने के मामले में हुई थी। उस समय NIA ने दिल्ली, गुजरात, पंजाब और पश्चिम बंगाल में कुल 20 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की थी। जांच में सामने आया था कि आरोपी अफगानिस्तान से समुद्री मार्ग के जरिए भारत में बड़ी मात्रा में हेरोइन की तस्करी करने वाले अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा थे।
शेल कंपनियों के जरिए होती थी तस्करी
NIA के मुताबिक, हेरोइन को सेमी-प्रोसेस्ड टैल्क, बिटुमिनस कोल और अन्य आयातित सामानों की खेप में छिपाकर भारत लाया जाता था। इसके लिए फर्जी और शेल आयात कंपनियों का इस्तेमाल किया जाता था। जांच एजेंसी का दावा है कि दिल्ली में रह रहे कुछ अफगान नागरिकों के नेटवर्क के माध्यम से इस हेरोइन को दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में पहुंचाया जाता था, जहां इसकी प्रोसेसिंग और वितरण किया जाता था।
अभी भी जारी है जांच
NIA और ED दोनों एजेंसियां इस मामले में ड्रग्स तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की पूरी सप्लाई चेन का पता लगाने में जुटी हैं। हाल ही में जमानत पर रिहा हुए हरप्रीत सिंह तलवार से जुड़े वित्तीय लेन-देन भी जांच के दायरे में हैं।


