हैदराबाद: तेलंगाना के मलकाजगिरी स्थित POCSO स्पेशल कोर्ट ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और भाजपा नेता बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी साई भागीरथ को सात दिन की अंतरिम जमानत प्रदान की है। अदालत ने यह राहत उन्हें अपनी अंतिम परीक्षा में शामिल होने की सुविधा देने के उद्देश्य से दी है। बंदी साई भागीरथ पर बशीरबाग पुलिस स्टेशन में दर्ज ‘बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण’ (POCSO) अधिनियम से संबंधित एक मामले में आरोप लगाए गए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यह अंतरिम जमानत सात दिनों के लिए होगी और आरोपी को कोर्ट द्वारा निर्धारित सभी शर्तों का पालन करना होगा।
इससे पहले भागीरथ को POCSO मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। जांच के दौरान पुलिस ने उनकी हिरासत की मांग की थी, जिसका उनके वकील एडवोकेट करुणासागर ने कड़ा विरोध किया। बचाव पक्ष ने अदालत में दायर जवाबी याचिका में पुलिस हिरासत की आवश्यकता पर सवाल उठाते हुए इसे खारिज करने की मांग की। साथ ही, वकील ने यह भी दलील दी कि यदि अदालत पुलिस हिरासत की अनुमति देती है, तो तेलंगाना हाईकोर्ट द्वारा आपराधिक पुनरीक्षण याचिका संख्या 165/2022 में निर्धारित सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन किया जाना चाहिए।
वकील ने अदालत से अनुरोध किया कि पूछताछ केवल सुबह 10 बजे से शाम 5:30 बजे तक सीमित रखी जाए और आरोपी को प्रतिदिन शाम 7 बजे तक चेर्लापल्ली केंद्रीय जेल के अधीक्षक की निगरानी में वापस भेजा जाए। इसके अलावा, बचाव पक्ष ने पूछताछ से पहले और बाद में जेल के चिकित्सा अधिकारियों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण कराने की भी मांग की। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि पूछताछ प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरोपी को निर्धारित समय पर संबंधित अदालत के समक्ष पेश किया जाए।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था और मामले की सुनवाई आगे बढ़ाई गई। एडवोकेट करुणासागर के अनुसार, बंदी साई भागीरथ ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद जांच से जुड़ी कानूनी प्रक्रियाएं शुरू की गईं। फिलहाल, अदालत द्वारा दी गई अंतरिम जमानत के चलते भागीरथ अपनी शैक्षणिक परीक्षाओं में शामिल हो सकेंगे, जबकि मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।


