मुंबई की विशेष CBI अदालत ने बहुचर्चित पवनराजे निंबालकर हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया। करीब 20 साल पुराने इस मामले में पूर्व सांसद पद्मसिंह पाटिल समेत आठ आरोपियों पर हत्या की साजिश रचने का आरोप था।
फैसला सुनाते हुए विशेष न्यायाधीश सत्यनारायण नावानंदार ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त और ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सका। अदालत ने जांच में कई खामियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि मोबाइल फोन जब्त नहीं किए गए, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) का प्रभावी उपयोग नहीं हुआ और कई महत्वपूर्ण दावों की पुष्टि नहीं की जा सकी।
कोर्ट ने माफी के गवाह की गवाही पर भी संदेह जताया और कहा कि उसके बयानों में कई विरोधाभास पाए गए। मामले में 127 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे, लेकिन अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों को दोष सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं माना।
गौरतलब है कि 3 जून 2006 को नवी मुंबई के कलंबोली में पवनराजे निंबालकर और उनके ड्राइवर समद काजी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बाद में बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर मामले की जांच CBI को सौंपी गई थी।


