ताजमहल की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत, पर्यटकों को नहीं होगी अनावश्यक परेशानी
ताजमहल आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा के साथ-साथ सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। निर्देश दिए गए हैं कि सुरक्षा जांच के दौरान किसी भी पर्यटक को अनावश्यक परेशानी न हो। साथ ही, परिसर और आसपास के क्षेत्रों में हिंदी व अंग्रेजी के अलावा अन्य विदेशी भाषाओं में भी साइनबोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि विदेशी सैलानियों को दिशा-निर्देश समझने में आसानी हो। शुक्रवार को एडिशनल डायरेक्टर आईबी विनीता शर्मा ने ताजमहल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस और सीआईएसएफ के अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। एंटी-ड्रोन सिस्टम का अवलोकन कर उन्होंने संतोष जताया और उसकी कार्यप्रणाली की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान मुख्य गुंबद तक पहुंचने के बाद यमुना नदी की ओर से सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, जल पुलिस की गश्त को प्रभावी बनाए रखने और 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया। ताजमहल के बाहर सभी बैरियरों पर कड़ी सुरक्षा रखने, मेटल डिटेक्टर से जांच और प्रत्येक व्यक्ति की तलाशी अनिवार्य करने के आदेश दिए गए। पर्यटन पुलिस और ताज सुरक्षा में तैनात जवानों को हिंदी व अंग्रेजी के साथ-साथ ताजमहल के इतिहास की जानकारी रखने के निर्देश भी दिए गए। इसके लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया गया।
सर्किट हाउस में हुई बैठक में कहा गया कि पुलिस और सीआईएसएफ की छवि ऐसी होनी चाहिए कि पर्यटक उन्हें मित्रवत और सहयोगी के रूप में देखें। बैठक में पुलिस, सीआईएसएफ, पुरातत्व विभाग, पर्यटन विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों ने भी भाग लिया। एडिशनल डायरेक्टर ने अधिकारियों को आतंकी खतरे या किसी भी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहने और नियमित मॉकड्रिल कराने के निर्देश दिए। पुरातत्व विभाग की ओर से अवकाश के दिनों में 75 हजार से अधिक पर्यटकों के आने की संभावना जताई गई, जिस पर भीड़ प्रबंधन की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा हुई।


