नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास बसने की चाह रखने वालों के लिए आने वाला नया साल राहत और अवसर दोनों लेकर आ रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) वर्ष 2026 की शुरुआत में एक बड़ी आवासीय भूखंड योजना शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इस योजना से न सिर्फ हजारों परिवारों को अपना आशियाना बनाने का मौका मिलेगा, बल्कि एयरपोर्ट बेल्ट में रियल एस्टेट गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
सेक्टर-5 में पहली बार आवासीय योजना
YEIDA पहली बार सेक्टर-5 में आवासीय भूखंड योजना पेश करने जा रहा है। यहां जमीन अधिग्रहण का काम तेजी से चल रहा है और बड़ी मात्रा में भूमि पहले ही प्राधिकरण के पास आ चुकी है। प्रस्तावित स्कीम के तहत करीब 4000 आवासीय प्लॉट उपलब्ध कराए जाएंगे। इनमें 200 वर्गमीटर, 300 वर्गमीटर और 450 वर्गमीटर के विकल्प शामिल होंगे। लंबे समय से इस योजना का इंतजार कर रहे लोगों के लिए यह किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है।
एयरपोर्ट के पास पहली रिहायशी योजना
YEIDA के सीईओ राकेश कुमार सिंह के मुताबिक, सेक्टर-5 की यह योजना अंतिम चरण में है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास यह पहली आवासीय योजना होगी, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी, निवेश और भविष्य की संभावनाओं में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है।
अन्य सेक्टरों में भी जल्द आएंगे प्लॉट
सेक्टर-5 के अलावा प्राधिकरण सेक्टर 15सी, 18 और 24ए में भी कुल 973 आवासीय भूखंडों की योजनाएं लाने की तैयारी कर रहा है। इन स्कीम्स का यूपी रेरा में पंजीकरण कराया जा रहा है और मंजूरी मिलते ही इन्हें लॉन्च कर दिया जाएगा। इनमें से 755 प्लॉट सामान्य श्रेणी के होंगे, जिनका आकार 162 से 290 वर्गमीटर के बीच रहेगा। सबसे ज्यादा भूखंड 162 वर्गमीटर और 200 वर्गमीटर कैटेगरी में रखे गए हैं।
क्यों इतनी ज्यादा मांग?
YEIDA क्षेत्र में आवासीय प्लॉट्स की मांग लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही है। हालात यह हैं कि कुछ सौ भूखंडों के लिए भी लाखों आवेदन आ जाते हैं। यही वजह है कि प्राधिकरण की आय का बड़ा हिस्सा भूखंड योजनाओं से आता है। चालू वित्त वर्ष के अंतिम महीनों में रेवेन्यू लक्ष्य पूरा करने के लिए YEIDA आवासीय के साथ-साथ औद्योगिक भूखंड योजनाएं भी लाने की तैयारी कर रहा है।
2009 के बाद सबसे बड़ी योजना
गौरतलब है कि वर्ष 2009 में YEIDA ने लगभग 21 हजार आवासीय भूखंडों की बड़ी योजना निकाली थी। इसके बाद अब 4000 भूखंडों वाली यह योजना पिछले 15 वर्षों की सबसे बड़ी आवासीय स्कीम मानी जा रही है।


