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बिल्हौर में दिल दहला देने वाली घटना, पिता की हैवानियत का शिकार हुए मासूम

कानपुर में पारिवारिक त्रासदी: पिता और बेटे की मौत, एक बच्चा जिंदगी से जूझ रहा

                                         पत्नी की मौत के बाद टूट गया था सराफा कारोबारी, मासूमों पर टूटा कहर
मृतक लालू उर्फ अजय कटियार की फाइल फोटो 

कानपुर के बिल्हौर क्षेत्र के अरौल गांव में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। सराफा कारोबारी अजय कटियार ने अपने दोनों नाबालिग बेटों पर जानलेवा हमला करने के बाद खुदकुशी कर ली। इस घटना में छोटे बेटे शुभम (7) की मौत हो गई, जबकि बड़ा बेटा रुद्र (12) गंभीर रूप से घायल है और उसे हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घटना की जानकारी सुबह करीब 10 बजे पुलिस को मिली, जब आचार्यनगर स्थित घर का मुख्य दरवाजा काफी देर तक नहीं खुला। सूचना पर पहुंची अरौल पुलिस ने परिजनों और पड़ोसियों की मदद से दरवाजा खुलवाया। अंदर आंगन में दोनों बच्चे खून से सने और बेहोश हालत में पड़े मिले, जबकि अजय का शव पास ही फंदे के साथ मिला। तीनों को तत्काल बिल्हौर सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने अजय और शुभम को मृत घोषित कर दिया। रुद्र की हालत नाजुक होने के कारण उसे कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर किया गया।

पुलिस और फॉरेंसिक टीम की शुरुआती जांच में सामने आया है कि अजय ने पहले ईंट से बेटों के सिर पर हमला किया। इसके बाद उसने जहरीला पदार्थ निगला और साड़ी व रस्सी की मदद से फंदा लगाने का प्रयास किया। हालांकि, फंदा टूटने से वह नीचे गिर पड़ा और जहर के असर से उसकी भी मौत हो गई। घटनास्थल से पुलिस को एक सुसाइड नोट, जहर की खाली शीशी, खून से सनी ईंट और कुछ अन्य सामान मिले हैं। सुसाइड नोट अजय ने अपने पिता के नाम लिखा था। पुलिस के अनुसार, अजय की पत्नी अलका की मौत 19 दिसंबर 2022 को हुई थी, जिसके बाद से वह मानसिक तनाव और अवसाद में था।

डीसीपी पश्चिम दिनेश त्रिपाठी और एसीपी बिल्हौर मंजय सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच की। अधिकारियों का कहना है कि परिजनों से बातचीत में यह बात सामने आई है कि पत्नी की मौत के बाद अजय पूरी तरह टूट चुका था। उसके माता-पिता हाशिमपुर में रहते हैं और सूचना मिलने पर वे भी मौके पर पहुंचे। इस मामले में एक पुराना विवाद भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, अजय के साले ने उस पर पत्नी की हत्या का आरोप लगाया था। बताया गया कि करीब तीन साल पहले ससुराल में विवाद के दौरान अलका के सिर पर हमला हुआ था, जिसके बाद उसकी मौत हो गई थी। हालांकि, उस समय पुलिस में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर शुक्रवार को स्कूल खुला होता तो शायद बच्चों की जान बच सकती थी। दोनों बच्चे अरौल के एक निजी स्कूल में पढ़ते थे और छुट्टी के कारण घर पर ही थे। सीसीटीवी फुटेज में सुबह करीब 6:20 बजे अजय को घर के बाहर सफाई करते देखा गया था, इसके बाद वह वापस अंदर गया और फिर बाहर नहीं निकला। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और घायल बच्चे के बयान का इंतजार किया जा रहा है।

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