राधाकुंड (मथुरा): तीर्थ नगरी राधाकुंड में धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखने वाले तीन प्रमुख कुंडों का सुंदरीकरण कार्य जारी है। शिव कुंड, मल्हार कुंड और गोपाल कुंड के विकास पर कुल 1.20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन कार्यों का उद्देश्य कुंडों का जीर्णोद्धार करने के साथ-साथ श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और राधाकुंड के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है। यह जानकारी नगर पंचायत अध्यक्ष रामफल मुंशी ने दी।
1.20 करोड़ रुपये से बदलेगी तीन कुंडों की तस्वीर
नगर पंचायत अध्यक्ष रामफल मुंशी के अनुसार, शासन स्तर से राधाकुंड के विकास के लिए विशेष धनराशि आवंटित की गई है। इसके तहत तीनों ऐतिहासिक कुंडों का जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण कराया जा रहा है। परियोजना में घाटों को पक्का करने, रोशनी की व्यवस्था करने और कुंडों के आसपास के क्षेत्रों को बेहतर बनाने जैसे कार्य शामिल हैं। इन विकास कार्यों से कुंडों पर आने वाले स्थानीय लोगों और देश-विदेश से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलने की उम्मीद है। साथ ही, राधाकुंड की धार्मिक पहचान को और मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
शिव कुंड के सुंदरीकरण पर खर्च होंगे 40 लाख रुपये
मिश्रा मोहल्ला स्थित रामलीला मैदान के पास शिव कुंड का सुंदरीकरण बंधन योजना के अंतर्गत कराया जा रहा है। इस परियोजना पर करीब 40 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। योजना के तहत कुंड के विकास और आसपास के क्षेत्र को व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
मल्हार कुंड का 40 लाख रुपये से होगा कायाकल्प
पाडल रोड स्थित मल्हार कुंड के विकास के लिए भी 40 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं। शासन की ओर से इस कार्य के लिए नगर पंचायत को विशेष धनराशि आवंटित की गई है। कुंड के जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण से यहां आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
गोपाल कुंड के विकास पर भी खर्च होंगे 40 लाख
छटीकरा रोड स्थित गोपाल कुंड का सुंदरीकरण वंदना योजना के तहत किया जा रहा है। इस परियोजना पर भी 40 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। शिव कुंड, मल्हार कुंड और गोपाल कुंड के विकास पर कुल 1.20 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
नगर पंचायत अध्यक्ष रामफल मुंशी ने कहा कि इन ऐतिहासिक कुंडों के सुंदरीकरण से स्थानीय निवासियों के साथ-साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी लाभ मिलेगा। घाटों के पक्के होने, प्रकाश व्यवस्था में सुधार और आसपास के क्षेत्रों के सुंदरीकरण से कुंडों का स्वरूप बेहतर होगा। राधाकुंड अपनी धार्मिक मान्यताओं और ऐतिहासिक विरासत के लिए विशेष पहचान रखता है। ऐसे में तीन प्रमुख कुंडों के विकास से तीर्थ नगरी की सुंदरता बढ़ने के साथ धार्मिक पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।


