ऊंचे हाईवे से बढ़ी परेशानी, गोरहा बाईपास पर ग्रामीणों का प्रदर्शन
कासगंज में कासगंज से गुजर रहे नेशनल हाईवे 530बी के निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि हाईवे का निर्माण ऊंचे स्तर पर किया जा रहा है, जबकि बाईपास और आसपास के बाजार व रिहायशी इलाके नीचे रह जाएंगे। इससे आवागमन के साथ-साथ जलभराव की गंभीर समस्या पैदा होगी। इसी मांग को लेकर ग्रामीणों ने गोरहा बाईपास पर धरना प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर तहसीलदार बलवंत सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से ज्ञापन प्राप्त किया। यह ज्ञापन केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री तथा केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा के नाम भेजा गया है।
ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों पर सड़क की योजना में लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि बाईपास के टी-प्वाइंट से कई गांवों का सीधा रास्ता निकलता है, जहां से ग्रामीणों, किसानों और वाहनों का नियमित आवागमन रहता है। क्षेत्र में दुकानें भी स्थित हैं, जिससे यह मार्ग और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। आंदोलनकारियों का तर्क है कि ग्रामीण इलाकों में आज भी बैलगाड़ी, सिर पर बोझ ढोकर पैदल चलने की परंपरा कायम है। ऐसे में बिना अंडरपास के ऊंचे हाईवे को पार करना बेहद जोखिम भरा और लगभग असंभव होगा। इसके अलावा निर्माणाधीन सर्विस रोड भी काफी ऊंची बताई जा रही है, जिससे बाजार और बस्तियां नीचे धंसती हुई नजर आएंगी।
धरने का नेतृत्व कर रहे अतुल चौहान ने कहा कि हाईवे निर्माण में जल निकासी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। बारिश के मौसम में बाजार और रिहायशी इलाके जलभराव की चपेट में आ सकते हैं, जिससे हजारों परिवार प्रभावित होंगे। स्कूल जाने वाले बच्चों को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ेगी। ग्रामीणों की मांग है कि टी-प्वाइंट पर अंडरपास का निर्माण किया जाए और हाईवे का स्तर मौजूदा बाजार के अनुरूप रखा जाए। प्रदर्शन के दौरान कृपाल, नीरज कुमार, अमित कुमार, कमलेश, विशेष कुमार, सौरभ, प्रशांत, शिशुपाल, देवेंद्र समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।


