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CM हिमंत सरमा का बड़ा खुलासा: जुबीन गर्ग की मौत हादसा नहीं, हत्या थी

SIT जांच में बड़ा मोड़: जुबीन गर्ग की संदिग्ध मौत अब बनी मर्डर केस

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को विधानसभा में एक चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा कि मशहूर गायक जुबीन गर्ग की मौत दुर्घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला न तो लापरवाही से हुई मौत है और न ही साधारण आपराधिक साजिश—बल्कि सीधे-सीधे हत्या का अपराध है। सीएम के अनुसार, जांच में सामने आया है कि एक आरोपी ने जुबीन की जान ली, जबकि कई अन्य लोगों ने उसे इस अपराध में सहायता दी।

विपक्ष ने शीतकालीन सत्र के पहले दिन जुबीन गर्ग की मौत पर चर्चा कराने के लिए स्थगन प्रस्ताव पेश किया था, जिसके जवाब में मुख्यमंत्री ने विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि CID की निगरानी में बनी SIT अब तक सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, 252 गवाहों से पूछताछ की जा चुकी है और 29 तरह के अहम सबूत जब्त किए गए हैं। सरमा ने कहा कि गिरफ्तार लोगों में से चार से पाँच आरोपियों पर हत्या की धारा लगाई गई है। उल्लेखनीय है कि 52 वर्षीय जुबीन गर्ग की मौत 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। वे ‘नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल (NEIF)’ में हिस्सा लेने वहाँ गए थे। उनकी मौत के बाद पूरे असम में विरोध हुआ और 60 से अधिक केस दर्ज कराए गए

मामले से जुड़े एक वीडियो में जुबीन को मौत से ठीक पहले समुद्र में कूदते हुए भी देखा गया था।

अब तक किन-किन की गिरफ्तारी हुई?

SIT ने जिन सात लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें शामिल हैं—

  • NEIF के आयोजक श्यामकानु महंत
  • जुबीन के रिश्तेदार और पुलिस अधिकारी संदीपन गर्ग
  • मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा
  • बैंड के सदस्य शेखर ज्योति गोस्वामी और अमृतप्रभा महंत
  • निजी सुरक्षा अधिकारी नंदेश्वर बोरा और प्रबीन बैश्य

सुरक्षा अधिकारियों की गिरफ्तारी तब हुई, जब उनके बैंक खातों में 1.1 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन मिले। वर्तमान में सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।

जुबीन गर्ग का संगीत सफर

18 नवंबर 1972 को असम के तिनसुकिया में जन्मे जुबीन गर्ग नॉर्थ-ईस्ट और हिंदी संगीत जगत की एक बड़ी पहचान थे। वे गायक, संगीतकार, अभिनेता और निर्देशक के रूप में सक्रिय रहे। उन्होंने असमिया, हिंदी, बांग्ला समेत 40 भाषाओं और बोलियों में लगभग 38,000 गीत रिकॉर्ड किए, जो अपने आप में एक अनोखा रिकॉर्ड माना जाता है। असम में वे सबसे अधिक पारिश्रमिक लेने वाले कलाकारों में गिने जाते थे।

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