दोषसिद्धि पर अस्थायी रोक: बॉम्बे हाई कोर्ट ने विनोद घोगले को BMC चुनाव लड़ने की दी अनुमति

मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनावों से पहले बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। उगाही जैसे गंभीर अपराध में दोषी ठहराए गए विनोद घोगले को अदालत से बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने उनकी दोषसिद्धि पर अस्थायी रोक लगा दी है, जिससे अब वे आगामी BMC चुनाव लड़ने के पात्र हो गए हैं।
43 वर्षीय विनोद घोगले इस मामले में करीब सात साल की सजा पहले ही काट चुके हैं। मामला साल 2009 का है, जब उन पर उगाही के आरोप लगे थे और बाद में उन्हें सजा सुनाई गई थी। सजा के चलते जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत वे चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हो गए थे, क्योंकि कानून के मुताबिक दो साल से अधिक की सजा पाए व्यक्ति को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं होती।
हालांकि, घोगले ने अपनी सजा को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील दाखिल की थी। इस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने माना कि अपील के अंतिम निपटारे तक दोषसिद्धि पर रोक लगाना जरूरी है। अदालत का कहना था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो घोगले को ऐसा अपूरणीय नुकसान हो सकता है, जिसकी भरपाई बाद में संभव नहीं होगी।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह राहत स्थायी नहीं है, बल्कि केवल अपील पर अंतिम निर्णय आने तक ही प्रभावी रहेगी। न्यायालय ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव लड़ने के अधिकार को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि संवैधानिक अधिकारों की रक्षा किया जाना आवश्यक है। इस फैसले के बाद अब विनोद घोगले BMC चुनाव में अपनी राजनीतिक किस्मत आजमा सकेंगे। हाई कोर्ट के इस निर्णय को मुंबई के राजनीतिक और कानूनी गलियारों में काफी अहम माना जा रहा है।


