बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स और राजस्थान पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पुणे–जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12939) में सवार थे और नेपाल भागने की फिराक में थे। अब मुंबई क्राइम ब्रांच आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई ले जाने की तैयारी में है।
Tiger Shroff Firing: कोटा रेलवे स्टेशन से कैसे पकड़े गए आरोपी?
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना के बाद से ही तीनों आरोपी फरार चल रहे थे। जांच के दौरान राजस्थान पुलिस और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स को उनके कोटा पहुंचने की जानकारी मिली। इसके बाद संयुक्त टीम ने कोटा रेलवे स्टेशन पर कार्रवाई करते हुए तीनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में रेहान को मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। उसने कथित तौर पर घटना के बाद अन्य दो आरोपियों से संपर्क किया था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, तीनों आरोपी नेपाल भागने की योजना बना रहे थे। इस मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की एक टीम कोटा पहुंच चुकी है। आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने के बाद मुंबई पुलिस उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकती है।
Tiger Shroff Firing Case: कौन हैं गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी?
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों का विवरण इस प्रकार है:
1. ऋतिक कुमार उर्फ रोशन: आरोपी की उम्र 22 साल है। वह बिहार के बेगूसराय जिले के पिपराई गांव का निवासी बताया गया है। उसका वर्तमान पता मुंबई के अंधेरी वेस्ट स्थित उर्दू स्कूल के पास का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, वह रैपिडो चालक है।
2. रेहान: 18 वर्षीय रेहान हरियाणा के सोनीपत जिले की ईदगाह कॉलोनी का रहने वाला बताया गया है। पुलिस के अनुसार, उसे इस मामले में मुख्य आरोपी माना जा रहा है।
3. एक नाबालिग आरोपी: तीसरा आरोपी हरियाणा के सोनीपत जिले के बड़ौदा थूथन का निवासी बताया गया है। नाबालिग होने के कारण उसकी पहचान गोपनीय रखी जा रही है।
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर फायरिंग की साजिश, हमले में उनकी भूमिका और अन्य संभावित कड़ियों की जांच करेगी।
टाइगर श्रॉफ की कार पर चली थीं सात गोलियां
यह घटना रविवार शाम मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी। जानकारी के मुताबिक, टाइगर श्रॉफ अपनी कार से जा रहे थे, तभी तीन अज्ञात हमलावरों ने उनकी गाड़ी पर नजदीक से फायरिंग कर दी। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने कुल सात राउंड गोलियां चलाईं। हालांकि, इस हमले में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित बच गए, लेकिन उनके ड्राइवर और एक रिक्शा चालक के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। घटना के बाद मुंबई पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। फायरिंग के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए थे। अब कोटा रेलवे स्टेशन से तीन आरोपियों की गिरफ्तारी को जांच में अहम सफलता माना जा रहा है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कनेक्शन की भी जांच
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने का दावा करने वाले लोगों की ओर से हमले की जिम्मेदारी लेने की खबरें भी सामने आई थीं। कथित तौर पर गैंग से जुड़े अनिल पंडित और हरमन संधु के नाम इस मामले में सामने आए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी अनिल पंडित के संपर्क में थे। अनिल पंडित को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया जाता है। हालांकि, इस कथित नेटवर्क और हमले के पीछे की साजिश को लेकर पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी। इससे पहले भी अनिल पंडित का नाम कुछ अन्य गोलीबारी की घटनाओं से जुड़े दावों में सामने आने की खबरें आई थीं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के पीछे किसका हाथ था और आरोपियों को किसने निर्देश दिए थे।
मुंबई क्राइम ब्रांच करेगी आरोपियों से पूछताछ
तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच आगे बढ़ेगी। अदालत में पेशी और ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरोपियों को मुंबई लाकर पूछताछ की जा सकती है। जांच एजेंसियां हमले के पीछे की वजह, आरोपियों के आपसी संपर्क, कथित गैंग कनेक्शन और फायरिंग की साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल करेंगी। फिलहाल, मामले में आगे की जानकारी पुलिस की जांच और आधिकारिक बयान के बाद ही स्पष्ट होगी।


