भारत की स्टार पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल और अवनि लेखरा ने 2026 एशियाई पैरा खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को दोहरी सफलता दिलाई। महिला 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा के फाइनल में दोनों भारतीय खिलाड़ियों के बीच आखिरी समय तक कड़ा मुकाबला देखने को मिला। रोमांचक फाइनल में मोना अग्रवाल ने 250.0 अंकों के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि अवनि लेखरा 249.6 अंकों के साथ रजत पदक जीतने में सफल रहीं। दोनों खिलाड़ियों के स्कोर में केवल 0.4 अंक का अंतर रहा। दक्षिण कोरिया की ली युनरी ने 227.9 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता।
अवनि लेखरा ने शुरुआत में बनाई बढ़त, मोना अग्रवाल ने दी कड़ी चुनौती
महिला 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 फाइनल की शुरुआत से ही अवनि लेखरा ने दमदार निशानेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने पहली सीरीज में 53.2 अंक हासिल किए। दूसरी सीरीज के बाद उनका कुल स्कोर 104.8 अंक पहुंच गया और वह शीर्ष स्थान पर बनी रहीं। वहीं, मोना अग्रवाल ने भी शानदार लय में निशाना साधते हुए मुकाबले को दिलचस्प बनाए रखा। शुरुआती चरण में उनके खाते में 102.9 अंक थे। अवनि की बढ़त के बावजूद मोना ने हार नहीं मानी और लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए अंतर कम करने की कोशिश जारी रखी। दोनों भारतीय खिलाड़ियों के बीच अंकों का मामूली अंतर फाइनल के रोमांच को लगातार बढ़ाता रहा। हर सीरीज के साथ मुकाबला और कठिन होता गया।
फाइनल में कई बार बदली मुकाबले की तस्वीर
प्रतियोगिता के अगले चरण में अवनि लेखरा ने अपनी बढ़त बरकरार रखने की कोशिश की। स्टेज-2 की पहली सीरीज के बाद अवनि का स्कोर 126.4 अंक था, जबकि मोना अग्रवाल 123.7 अंकों के साथ उनके पीछे थीं। इसके बाद अवनि ने 146.8 अंकों तक पहुंचकर अपनी स्थिति मजबूत की। दूसरी ओर, मोना का स्कोर 144.7 अंक था। इस दौरान अवनि बढ़त बनाए हुए थीं, लेकिन मोना लगातार मुकाबले में वापसी की कोशिश कर रही थीं। अगली सीरीज में दोनों निशानेबाजों के बीच अंतर और कम हो गया। मोना अग्रवाल ने 165.7 अंक हासिल किए, जबकि अवनि लेखरा का स्कोर 167.2 अंक रहा। इस चरण में भी अवनि मामूली बढ़त के साथ आगे थीं। हालांकि, मुकाबले ने उस समय नया मोड़ लिया, जब मोना अग्रवाल ने अवनि को पीछे छोड़ दिया। एक अहम पड़ाव पर मोना का स्कोर 187.1 अंक पहुंच गया, जबकि अवनि 186.9 अंकों पर थीं। इस तरह मोना ने महज 0.2 अंक की बढ़त हासिल कर फाइनल में अपनी दावेदारी और मजबूत कर दी।
आखिरी स्कोर तक बरकरार रहा रोमांच
फाइनल के अंतिम परिणाम ने भारतीय निशानेबाजी के प्रशंसकों को रोमांचित कर दिया। मोना अग्रवाल ने 250.0 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि अवनि लेखरा 249.6 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। दोनों खिलाड़ियों के बीच केवल 0.4 अंक का अंतर रहा, जो इस मुकाबले की कड़ी प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है। दक्षिण कोरिया की ली युनरी ने 227.9 अंकों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया और कांस्य पदक अपने नाम किया।
भारतीय पैरा निशानेबाजी के लिए बड़ी उपलब्धि
मोना अग्रवाल और अवनि लेखरा का यह प्रदर्शन भारतीय पैरा निशानेबाजी की मजबूती को दर्शाता है। एक ही स्पर्धा में दोनों भारतीय खिलाड़ियों का शीर्ष दो स्थानों पर रहना देश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। मोना ने स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की, वहीं अवनि ने रजत पदक हासिल कर शानदार प्रदर्शन किया। दोनों खिलाड़ियों के बीच अंतिम क्षणों तक चला मुकाबला इस फाइनल का सबसे खास पहलू रहा। बेहद कम अंतर से तय हुए परिणाम ने दिखाया कि उच्च स्तर की निशानेबाजी में निरंतरता, एकाग्रता और सटीकता कितनी अहम होती है।


