नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेवा संकल्प अभियान के तहत वाराणसी से वडनगर की यात्रा पर निकले युवाओं से संवाद किया। इस दौरान युवाओं ने यात्रा के दौरान अलग-अलग इलाकों में लोगों से हुई मुलाकात, सेवा गतिविधियों और स्थानीय लोगों के अनुभव प्रधानमंत्री के साथ साझा किए। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में युवाओं की यह सेवा यात्रा भी लोगों से सीधे जुड़ने और उनके अनुभवों को समझने पर केंद्रित है।
वाराणसी से वडनगर यात्रा के दौरान युवाओं ने क्या अनुभव साझा किए?
प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान युवाओं ने बताया कि वाराणसी से वडनगर तक की यात्रा उनके लिए खास अनुभव रही। रास्ते में उन्होंने कई स्थानों पर स्थानीय लोगों से बातचीत की और उनके जीवन, समस्याओं तथा अनुभवों को करीब से समझने का प्रयास किया। यात्रा के दौरान युवाओं ने लोगों को सेवा गतिविधियों से जोड़ने और समाज के अलग-अलग वर्गों के साथ संवाद करने पर भी जोर दिया। इसी क्रम में उन्नाव जिले में एक बुजुर्ग महिला से हुई मुलाकात का अनुभव प्रधानमंत्री के साथ साझा किया गया।
उन्नाव की बुजुर्ग महिला ने PM मोदी के लिए क्या संदेश दिया?
यात्रा में शामिल युवाओं ने बताया कि उन्नाव में उनकी मुलाकात एक बुजुर्ग महिला से हुई। महिला ने युवाओं से पूछा कि वे कहां जा रहे हैं। युवाओं ने बताया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गांव वडनगर जा रहे हैं और रास्ते में लाभार्थियों से मिलकर उनका आशीर्वाद ले रहे हैं। इसके बाद महिला ने प्रधानमंत्री के लिए अपना संदेश दिया और युवाओं से उन्हें धन्यवाद पहुंचाने को कहा।
महिला ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर मिला है। उनके अनुसार, पक्का घर मिलने से उनके परिवार को बड़ी राहत मिली। उन्होंने अपने पुराने कच्चे मकान का अनुभव साझा करते हुए बताया कि घर काफी जर्जर स्थिति में था। एक दिन वह घर के बाहर बैठी थीं, तभी मकान का हिस्सा ढह गया और एक ईंट लगने से उन्हें चोट भी आई। महिला ने कहा कि यदि उन्हें पक्का मकान नहीं मिला होता तो उनके परिवार के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती थी।
सेवा संकल्प अभियान में युवाओं की क्या भूमिका है?
सेवा संकल्प अभियान में युवाओं की भागीदारी को प्रमुखता दी गई है। वाराणसी से वडनगर तक की यह यात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसके जरिए युवाओं को समाज के अलग-अलग वर्गों से सीधे संवाद करने का अवसर मिल रहा है। यात्रा के दौरान युवाओं की ओर से स्वच्छता अभियान, स्कूलों, अस्पतालों, नर्सिंग होम और अन्य सामुदायिक स्थानों से जुड़ी गतिविधियों में भागीदारी की जा रही है। इन गतिविधियों का उद्देश्य सेवा कार्यों के साथ स्थानीय लोगों से संवाद को बढ़ावा देना है।
लोगों से सीधे संवाद को PM मोदी ने क्यों बताया महत्वपूर्ण?
यात्रा के अनुभवों के दौरान लोगों से सीधे जुड़ने और उनकी बातें सुनने के महत्व पर जोर दिया गया। अलग-अलग क्षेत्रों से गुजर रहे युवाओं को स्थानीय समुदायों के साथ बातचीत करने और उनके रोजमर्रा के अनुभवों को समझने का मौका मिल रहा है। इस तरह की यात्राओं के जरिए सेवा, युवा सहभागिता और समाज से सीधा जुड़ाव जैसे विषयों को प्रमुखता दी जा रही है। रास्ते में मिलने वाले लोगों की व्यक्तिगत कहानियां भी इस अभियान के अनुभवों का हिस्सा बन रही हैं।


