29.7 C
Agra
Homeदेशकलकत्ता हाई कोर्ट से TMC को बड़ी राहत, फ्रीज किए गए 3...

कलकत्ता हाई कोर्ट से TMC को बड़ी राहत, फ्रीज किए गए 3 बैंक खाते सशर्त हुए बहाल

तृणमूल कांग्रेस (TMC) को कलकत्ता हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। बुधवार को अदालत ने पार्टी के फ्रीज किए गए तीन बैंक खातों को अस्थायी रूप से दोबारा संचालित करने की अनुमति दे दी। हालांकि, कोर्ट ने साफ किया कि इन खातों का उपयोग केवल पार्टी के रोजमर्रा के प्रशासनिक और आवश्यक खर्चों के लिए ही किया जा सकेगा। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज को स्पेशल ऑफिसर नियुक्त किया गया है।

30 सितंबर तक लागू रहेगी व्यवस्था

जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने मामले की निगरानी के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस सुब्रत तालुकदार को स्पेशल ऑफिसर नियुक्त किया है। अदालत का यह अंतरिम आदेश 30 सितंबर तक प्रभावी रहेगा।

कोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने इस बात पर आश्चर्य जताया कि एफआईआर दर्ज होने के महज एक दिन बाद बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया।

अदालत ने टिप्पणी की कि 18 जून को एफआईआर दर्ज हुई और 19 जून को खातों को फ्रीज कर दिया गया, जबकि शुरुआती जांच में ऐसा कोई ठोस आधार या पर्याप्त सबूत सामने नहीं आया, जिससे इतनी जल्दबाजी में यह कदम उठाना उचित ठहराया जा सके। कोर्ट ने यह भी कहा कि आम नागरिकों के मामलों में पुलिस इतनी तत्परता शायद ही कभी दिखाती है।

खातों से पैसे निकालने के लिए कोर्ट की शर्तें

हाई कोर्ट ने खातों के संचालन के लिए कुछ सख्त शर्तें तय की हैं।

  • बैंक खातों से केवल दैनिक और आवश्यक प्रशासनिक खर्चों के लिए ही राशि निकाली जा सकेगी।
  • किसी अन्य उद्देश्य के लिए धनराशि का उपयोग नहीं किया जाएगा।
  • बैंक में प्रस्तुत किए जाने वाले प्रत्येक चेक पर TMC के दो अधिकृत पदाधिकारियों के हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे।
  • दोनों हस्ताक्षरों के बाद स्पेशल ऑफिसर के काउंटर-सिग्नेचर के बिना कोई चेक मान्य नहीं होगा।

TMC की ओर से क्या दलील दी गई?

पार्टी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत में कहा कि बैंक खातों के पूरी तरह फ्रीज होने से एक मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल का सामान्य कामकाज ठप हो गया है, जो उसके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने यह भी दलील दी कि शिकायत में किसी भी प्रकार के स्पष्ट आरोप नहीं हैं और पार्टी के सभी वित्तीय लेनदेन चुनाव आयोग के नियमों तथा आयकर कानून के तहत संचालित होते हैं।

पुलिस और शिकायतकर्ता का पक्ष

राज्य पुलिस की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि जांच के दौरान संभावित वित्तीय गड़बड़ी या धन के हस्तांतरण को रोकने के लिए पुलिस को बैंक खाते फ्रीज करने का अधिकार है। वहीं शिकायतकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील नीरज किशन कौल ने दावा किया कि उनके मुवक्किल ही तृणमूल कांग्रेस के वास्तविक प्रतिनिधि हैं, इसलिए संबंधित बैंक खातों को सुरक्षित रखा जाना चाहिए।

‘असली TMC’ विवाद पर कोर्ट ने क्या कहा?

हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बैंक खातों के संचालन की यह अस्थायी अनुमति किसी भी गुट को ‘असली तृणमूल कांग्रेस’ मानने का संकेत नहीं है। अदालत ने कहा कि पार्टी के वास्तविक अधिकार को लेकर विवाद फिलहाल चुनाव आयोग के समक्ष लंबित है और अंतिम फैसला वहीं करेगा। कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि शिकायतकर्ता पहले इन्हीं बैंक खातों से जुड़े संसाधनों के आधार पर TMC के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं और बाद में दूसरे गुट में शामिल होकर शिकायत दर्ज कराई। अदालत के अनुसार, शिकायत में किसी भी संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के स्पष्ट प्रमाण नहीं दिए गए हैं। ऐसे में जांच प्रभावित किए बिना राजनीतिक दल के नियमित कामकाज को जारी रखने के लिए यह अंतरिम व्यवस्था की गई है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments