मोबाइल सामान खरीदने दिल्ली जा रहे 4 कारोबारियों की मौत, 2 की हालत गंभीर
मंदसौर। दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेसवे पर मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। सीतामऊ थाना क्षेत्र के तितरोद के पास तेज रफ्तार कार आगे चल रहे ट्रक से पीछे जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में कार सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
महाराष्ट्र के रहने वाले थे सभी यात्री
पुलिस के अनुसार, हादसे का शिकार हुए सभी लोग महाराष्ट्र के औरंगाबाद और आसपास के क्षेत्रों के निवासी थे। मृतकों की पहचान सचिन गंगाधर, संदीप बोरसे, राजेंद्र कोवडे और रविंद्र काले के रूप में हुई है। वहीं अब्दुल खलील और उमर जागीरदार गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज मंदसौर जिला अस्पताल में चल रहा है।
मोबाइल इक्विपमेंट खरीदने दिल्ली जा रहे थे
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, सभी लोग कार से औरंगाबाद से दिल्ली जा रहे थे। उनका उद्देश्य मोबाइल इक्विपमेंट से जुड़ा सामान खरीदना था। यात्रा के दौरान सीतामऊ के पास तितरोद क्षेत्र में कार अनियंत्रित हो गई और आगे चल रहे ट्रक के पिछले हिस्से से जा टकराई।
एक घंटे तक कार में फंसे रहे लोग
हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी। बचाव दल ने काफी मशक्कत के बाद कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि कुछ मृतक और घायल करीब एक घंटे तक क्षतिग्रस्त कार में ही फंसे रहे।
परिजनों को दी गई सूचना
पुलिस ने मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों को हादसे की सूचना दे दी है। परिजनों के मंदसौर पहुंचने के बाद शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। फिलहाल चारों शव सीतामऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मोर्चरी में सुरक्षित रखे गए हैं।
हादसे की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और वाहन पर नियंत्रण खोना हादसे की प्रमुख वजह मानी जा रही है। वहीं दोनों घायलों की हालत पर डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी रखे हुए है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर लगातार हो रहे सड़क हादसे एक बार फिर तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी दूरी की यात्रा के दौरान निर्धारित गति सीमा का पालन, पर्याप्त आराम और सतर्क ड्राइविंग ही ऐसे हादसों को रोकने में अहम भूमिका निभा सकती है।


