SP संदीप गिल का बड़ा खुलासा: केतन अग्रवाल की हत्या के लिए तीन बार बना प्लान, चौथी कोशिश में मिली सफलता
पुणे: केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुणे ग्रामीण पुलिस ने कई अहम और चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक (SP) संदीप गिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जांच में मिले सबूतों से साफ हो गया है कि यह हत्या अचानक नहीं हुई, बल्कि पूरी तरह से सुनियोजित साजिश के तहत अंजाम दी गई।
31 मई को की गई थी रेकी
एसपी संदीप गिल के मुताबिक, आरोपी कपल 31 मई को लोनावला स्थित प्रसिद्ध लोहगढ़ किले पर पहुंचा था। केतन अग्रवाल को ट्रैकिंग का शौक था और इसी कमजोरी का फायदा उठाकर उसे वहां बुलाया गया। जांच में सामने आया कि उसी दिन या उसके कुछ समय बाद आरोपियों ने केतन को पहाड़ी से धक्का देकर हत्या करने की योजना बनाई।
4 जून को पहली कोशिश, लेकिन योजना हुई विफल
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि 4 जून को आरोपी दोबारा लोहगढ़ किले पहुंचे थे। उनका उद्देश्य उसी दिन हत्या को अंजाम देना था, लेकिन किसी कारणवश उनकी योजना सफल नहीं हो सकी। इस दौरान पासपोर्ट गुम होने की घटना भी सामने आई, जिससे घटनाक्रम में कुछ बदलाव आया।
14 जून को भी हत्या का प्रयास नाकाम
एसपी गिल ने बताया कि आरोपियों ने 14 जून को फिर उसी स्थान पर केतन अग्रवाल को पहाड़ी से नीचे धकेलने की कोशिश की थी। हालांकि, यह प्रयास भी असफल रहा। सबसे अहम बात यह रही कि आरोपियों ने पूरी स्थिति को इस तरह पेश किया कि केतन को उन पर किसी तरह का शक नहीं हुआ।
18 जून को चेतन चौधरी ने दिया वारदात को अंजाम
14 जून की नाकामी के बाद आरोपियों ने नई रणनीति बनाई। तय किया गया कि 18 जून को आरोपी चेतन चौधरी अकेले मौके पर जाएगा और हत्या को अंजाम देगा। पुलिस के अनुसार, 18 जून को उसी तय स्थान से केतन अग्रवाल को पहाड़ी से धक्का दे दिया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
कौन था केतन अग्रवाल?
25 वर्षीय केतन अग्रवाल महाराष्ट्र की प्रमुख वेयरहाउस निर्माण कंपनी सक्सेस ग्रुप में डायरेक्टर था। इसी साल फरवरी में उसकी सगाई सिया गोयल (20) से हुई थी और दोनों की शादी नवंबर में उदयपुर में तय थी। शादी की तैयारियां भी शुरू हो चुकी थीं और होटल तक बुक कर लिया गया था।
हालांकि, पुलिस जांच में सामने आया कि सिया गोयल का चेतन चौधरी (22) के साथ प्रेम संबंध था। शुरुआती जांच के मुताबिक, अग्रवाल परिवार को इस रिश्ते की कोई जानकारी नहीं थी। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और अब तक सामने आए साक्ष्यों के आधार पर इसे पूर्व नियोजित हत्या मान रही है।


