कोलकाता: पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित तारातला ट्रांसपोर्ट डिपो के पास निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस दर्दनाक दुर्घटना में अब तक 9 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 20 से 22 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है और एनडीआरएफ, दमकल विभाग तथा स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को दी सूचना
हादसे के प्रत्यक्षदर्शी सुरिंदर साउ ने बताया कि घटना बुधवार दोपहर हुई। उनकी दुकान घटनास्थल के पास ही है। अचानक तेज धमाके जैसी आवाज सुनकर वह बाहर निकले तो देखा कि निर्माणाधीन गोदाम का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर चुका था।
उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी गई। जब वह मलबे के करीब पहुंचे तो अंदर से कई लोगों की चीख-पुकार सुनाई दे रही थी। सुरिंदर साउ के अनुसार, हादसे के समय गोदाम में 50 से अधिक मजदूर काम कर रहे थे, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
राहत और बचाव अभियान जारी
प्रशासन के अनुसार, मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। दमकल विभाग की कई टीमें भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक सभी मजदूरों का पता नहीं चल जाता, तब तक बचाव अभियान जारी रहेगा।
मृतकों और घायलों के लिए मुआवजे की घोषणा
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये और घायलों को 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी गंभीरता से राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है और फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल का आरोप
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा निर्माणाधीन तीन मंजिला वेयरहाउस की छत की कास्टिंग के दौरान हुआ। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि भवन निर्माण में घटिया गुणवत्ता की निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया था, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। हालांकि, प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।
जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
फिलहाल प्रशासन निर्माण कार्य से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रहा है। यदि निर्माण में लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता करने की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।


