आगरा। सदर तहसील के डौकी थाना क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक किसान ने खुद को असुरक्षित बताया है। किसान का आरोप है कि रिश्वतखोरी का वीडियो सामने आने के बाद लेखपाल को निलंबित तो कर दिया गया, लेकिन अब उसे पुलिस और संबंधित पक्षों के दबाव का सामना करना पड़ रहा है। मामले की शिकायत संपूर्ण समाधान दिवस में किए जाने के बाद जांच एसीपी फतेहाबाद को सौंप दी गई है।
वीडियो साक्ष्य देने के बाद लेखपाल हुआ निलंबित
गढ़ी रामफल निवासी सत्यप्रकाश ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि उन्होंने लेखपाल सतेंद्र सिंह पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। सत्यप्रकाश के अनुसार, 8 जून 2026 को उन्होंने जिलाधिकारी मनीष बंसल को वीडियो साक्ष्य उपलब्ध कराए थे। जांच के बाद आरोपित लेखपाल को निलंबित कर दिया गया। किसान का कहना है कि इस कार्रवाई के बाद लेखपाल और कथित अवैध कब्जेदार उनसे रंजिश रखने लगे और लगातार दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
चौकी इंचार्ज पर धमकाने और जबरन लिखवाने का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि 12 जून को चौकी इंचार्ज सुनील दीक्षित ने सत्यप्रकाश के भाई अशोक के मोबाइल पर संपर्क कर शिकायतें वापस लेने और मामले को आगे न बढ़ाने की बात कही। इसके बाद उन्हें चौकी बुलाया गया। सत्यप्रकाश का आरोप है कि 19 जून को चौकी पहुंचने पर उन्हें करीब डेढ़ घंटे तक बैठाकर रखा गया और विभिन्न प्रकार की धमकियां दी गईं। किसान ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उनसे जबरन लिखवाया कि वे अपने खेत पर कोई निर्माण कार्य नहीं करेंगे।
सुरक्षा की मांग, एसीपी को सौंपी गई जांच
मामले को लेकर सत्यप्रकाश ने संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत दर्ज कर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। अधिकारियों ने प्रकरण की जांच एसीपी फतेहाबाद को सौंपते हुए सात दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, एसडीएम सचिन राजपूत ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


