दुल्हन की शादी से पहले खत्म हो गया पूरा परिवार
मैसूर (कर्नाटक): कर्नाटक के मैसूर जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बेटी की शादी की तैयारियों के बीच खुशियों का माहौल उस समय मातम में बदल गया, जब शादी से ठीक एक दिन पहले होने वाली दुल्हन और उसके माता-पिता ने कथित तौर पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में पुलिस ने एक स्थानीय युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, यह घटना मैसूर जिले के वरुणा विधानसभा क्षेत्र स्थित केम्पय्याना हुंडी गांव की है। मृतकों की पहचान शिवन्ना, उनकी पत्नी नागरत्ना और 21 वर्षीय बेटी रक्षिता के रूप में हुई है। तीनों के शव घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मिले, जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें गांव के ही रहने वाले उल्लास गौड़ा पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
सुसाइड नोट में क्या लिखा?
सुसाइड नोट के अनुसार, आरोपी उल्लास गौड़ा लगातार रक्षिता को परेशान कर रहा था और उस पर शादी करने का दबाव बना रहा था। जबकि रक्षिता की सगाई पहले ही किसी अन्य युवक से हो चुकी थी और उसकी शादी अगले दिन होने वाली थी। परिवार ने आरोप लगाया कि उल्लास ने रक्षिता के बारे में झूठी अफवाहें फैलानी शुरू कर दी थीं। इतना ही नहीं, उसने कथित तौर पर रक्षिता के मंगेतर और उसके परिवार को संदेश भेजकर दोनों के बीच संबंध होने के झूठे दावे किए। इससे परिवार सामाजिक बदनामी और मानसिक तनाव का शिकार हो गया।
सामाजिक बदनामी के डर से उठाया खौफनाक कदम
प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि झूठे आरोपों और समाज में प्रतिष्ठा खराब होने के डर ने परिवार को मानसिक रूप से तोड़ दिया। इसी दबाव और तनाव के चलते उन्होंने आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठाया।
आरोपी युवक गिरफ्तार
सुसाइड नोट और शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में उल्लास गौड़ा को गिरफ्तार कर लिया है। टी. नरसीपुरा पुलिस स्टेशन की टीम मामले की गहन जांच कर रही है। पुलिस डिजिटल सबूत, मोबाइल संदेशों और अन्य परिस्थितिजन्य तथ्यों की पड़ताल में जुटी हुई है।
जांच जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की सत्यता की पुष्टि के लिए डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।


