गोपालगंज, बिहार: बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी के परिवार से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। गोपालगंज जिले के माधोपुर थाना क्षेत्र के बेलसंड तिवारी टोला में पैतृक जमीन विवाद को लेकर अभिनेता के भाई विजयेन्द्रनाथ तिवारी पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला किया गया। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और हमले में इस्तेमाल कुल्हाड़ी समेत महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं।
जमीन विवाद में हुआ हमला
पुलिस के अनुसार, 21 जून 2026 को बेलसंड तिवारी टोला निवासी विजयेन्द्रनाथ तिवारी पर उनके पड़ोसी ने कथित तौर पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही माधोपुर थाना पुलिस और सदर-02 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और घायल को तत्काल सदर अस्पताल गोपालगंज भेजा गया। चिकित्सकीय जांच के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है।
आरोपी गिरफ्तार, हथियार और कपड़े बरामद
प्रारंभिक जांच में पता चला कि पुरानी जमीन संबंधी रंजिश के चलते पड़ोसी राजेश साह ने विजयेन्द्रनाथ तिवारी पर हमला किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी राजेश साह (पिता – महेश साह), निवासी बेलसंड, माधोपुर थाना क्षेत्र, को गिरफ्तार कर लिया है। जांच के दौरान पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी और आरोपी द्वारा पहने गए खून से सने कपड़े भी बरामद कर लिए हैं। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
एफएसएल टीम ने जुटाए वैज्ञानिक साक्ष्य
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए, जिससे जांच को और मजबूत बनाया जा सके। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
विशेष जांच टीम का गठन
घटना को गंभीर मानते हुए गोपालगंज पुलिस प्रशासन ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। सदर एसडीपीओ-2 राजेश कुमार को इस टीम की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में निष्पक्ष और त्वरित जांच सुनिश्चित की जाएगी तथा दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीण इलाकों में भूमि विवाद फिर बने चिंता का विषय
यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते भूमि और पैतृक संपत्ति विवादों की गंभीरता को उजागर करती है। अक्सर ऐसे विवाद हिंसक रूप ले लेते हैं, जिससे जान-माल का नुकसान होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते कानूनी समाधान और प्रशासनिक हस्तक्षेप ऐसे मामलों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।


