अयोध्या: राम मंदिर में मिले दान के धन के कथित दुरुपयोग को लेकर चल रही जांच में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। शुरुआती चरण में कैश काउंटिंग प्रक्रिया की जांच करने के बाद अब टीम मंदिर के पुजारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और ट्रस्ट से जुड़े प्रमुख लोगों से पूछताछ कर रही है। सूत्रों के अनुसार, SIT ने शुक्रवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की। जांच के दौरान दान राशि के प्रबंधन और प्रशासनिक कार्यों से जुड़े स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOPs) के पालन में कई खामियां सामने आने की बात कही जा रही है।
दान प्रबंधन में मिलीं प्रक्रियागत कमियां
जांच एजेंसियों को पता चला है कि मंदिर परिसर में कार्यरत कई कर्मचारियों और अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियां लिखित आदेशों के माध्यम से स्पष्ट रूप से नहीं सौंपी गई थीं। कई महत्वपूर्ण निर्णय कथित तौर पर मौखिक निर्देशों के आधार पर लिए जा रहे थे, जिससे जवाबदेही और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं। इसके अलावा, गर्भगृह प्रभारी केडी तिवारी की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। SIT यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दान राशि के संग्रह, रिकॉर्डिंग और प्रबंधन की प्रक्रिया में कहीं कोई अनियमितता तो नहीं हुई।
कैसे शुरू हुआ राम मंदिर डोनेशन विवाद?
यह मामला 7 जून को उस समय सुर्खियों में आया जब समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए करोड़ों रुपये के दान का हिसाब स्पष्ट नहीं है। उन्होंने न्यायपालिका से मामले का संज्ञान लेने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी।
अखिलेश यादव ने यह भी दावा किया कि विवाद का असर अयोध्या के धार्मिक पर्यटन और स्थानीय कारोबार पर पड़ रहा है। उन्होंने SIT जांच की दैनिक प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई।
CM योगी आदित्यनाथ ने ट्रस्ट का किया बचाव
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का समर्थन करते हुए विपक्षी दलों पर अयोध्या और राम मंदिर की छवि खराब करने का आरोप लगाया। अयोध्या में आयोजित कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल कभी नहीं चाहते थे कि अयोध्या वैश्विक पहचान हासिल करे। उन्होंने कहा कि मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर ही राज्य सरकार ने SIT जांच के आदेश दिए हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा, “ट्रस्ट के अनुरोध पर जांच शुरू की गई है और यह पूरी सच्चाई सामने लाएगी। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।”
SIT जांच पर टिकीं सबकी निगाहें
राम मंदिर दान विवाद अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन चुका है। SIT की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि दान राशि के प्रबंधन में वास्तव में कोई गड़बड़ी हुई है या नहीं। जांच रिपोर्ट आने तक इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी जारी रहने की संभावना है।


