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अनिल अंबानी को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत, काला धन अधिनियम के तहत फिलहाल नहीं होगी दंडात्मक कार्रवाई

मुंबई: उद्योगपति अनिल अंबानी को काला धन अधिनियम से जुड़े मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट से महत्वपूर्ण अंतरिम राहत मिली है। अदालत ने उनके खिलाफ अभियोजन, जुर्माना या अन्य दंडात्मक कार्रवाई पर अंतिम सुनवाई तक रोक लगा दी है। हालांकि, आयकर विभाग द्वारा जारी मूल्यांकन आदेश के खिलाफ दायर अपील की प्रक्रिया जारी रहेगी।

हाईकोर्ट ने स्वीकार की याचिका

मंगलवार को न्यायमूर्ति बी.पी. कोलाबावाला और न्यायमूर्ति फिरदौस पूनीवाला की खंडपीठ ने अंबानी की याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे स्वीकार कर लिया। याचिका में काला धन (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) तथा कर अधिरोपण अधिनियम, 2015 के कुछ प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है। अदालत ने केंद्र सरकार को मामले में अपना जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही स्पष्ट किया कि याचिका के अंतिम निपटारे तक अंबानी के खिलाफ कोई दंडात्मक कदम नहीं उठाया जाएगा।

आयकर विभाग ने लगाए हैं 420 करोड़ रुपये की कर चोरी के आरोप

आयकर विभाग ने 8 अगस्त 2022 को अनिल अंबानी को नोटिस जारी किया था। विभाग का आरोप है कि उन्होंने दो स्विस बैंक खातों में रखी गई 814 करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी संपत्तियों का खुलासा नहीं किया और इससे जुड़े करीब 420 करोड़ रुपये के कर का भुगतान नहीं किया। विभाग के अनुसार, यह मामला काला धन अधिनियम की धारा 50 और 51 के तहत आता है। इन धाराओं के तहत दोषी पाए जाने पर अधिकतम 10 वर्ष तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।

अंबानी का तर्क: कानून को पिछली तारीख से लागू नहीं किया जा सकता

अपनी याचिका में अनिल अंबानी ने कहा है कि काला धन अधिनियम वर्ष 2015 में लागू हुआ था, जबकि जिन वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों को लेकर आरोप लगाए गए हैं, वे मूल्यांकन वर्ष 2006-07 और 2010-11 से संबंधित हैं।

उनका कहना है कि किसी कानून को पूर्वव्यापी (Retrospective) प्रभाव से लागू नहीं किया जा सकता। अंबानी ने अधिनियम की कुछ धाराओं को संविधान के प्रावधानों के विपरीत और अधिकारों का उल्लंघन करने वाला बताया है।

विदेशी ट्रस्ट और कंपनी से जुड़े हैं आरोप

आयकर विभाग के अनुसार, अनिल अंबानी का संबंध बहामास स्थित ‘डायमंड ट्रस्ट’ नामक इकाई से था, जहां उन्हें आर्थिक योगदानकर्ता और लाभकारी मालिक बताया गया है। इसके अलावा, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में पंजीकृत ‘नदर्न अटलांटिक ट्रेडिंग अनलिमिटेड (NATU)’ नामक कंपनी से भी उनका कथित संबंध सामने आया है।

विभाग का आरोप है कि इन विदेशी संपत्तियों और वित्तीय हितों की जानकारी आयकर रिटर्न में नहीं दी गई, जो काला धन अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन है।

फिलहाल राहत, अंतिम फैसला बाकी

बॉम्बे हाईकोर्ट के इस अंतरिम आदेश से अनिल अंबानी को फिलहाल कानूनी राहत मिल गई है। हालांकि, मामले का अंतिम निर्णय अभी बाकी है। अदालत द्वारा केंद्र सरकार का जवाब आने और विस्तृत सुनवाई के बाद ही यह तय होगा कि काला धन अधिनियम के विवादित प्रावधानों की संवैधानिक वैधता पर क्या फैसला दिया जाएगा।

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