हेनले पासपोर्ट इंडेक्स ने साल 2026 के लिए अपनी नई रैंकिंग जारी कर दी है। इस ताजा रिपोर्ट में भारतीय पासपोर्ट की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। जहां 2025 में भारत 85वें स्थान पर था, वहीं अब सीधे 10 पायदान की छलांग लगाते हुए 75वें नंबर पर पहुंच गया है। हालांकि, रैंकिंग बेहतर होने के बावजूद भारतीय नागरिकों को वीजा-फ्री एंट्री देने वाले देशों की संख्या में मामूली कमी आई है। वर्तमान में भारतीय पासपोर्ट होल्डर्स 56 देशों में बिना वीजा यात्रा कर सकते हैं, जबकि 2025 में यह संख्या 57 थी।
कैसे तय होती है रैंकिंग?
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स दुनिया के 227 ट्रैवल डेस्टिनेशनों और 199 पासपोर्ट्स का विश्लेषण करता है। यह रैंकिंग International Air Transport Association के डेटा पर आधारित होती है। इसमें वीजा-फ्री, वीजा-ऑन-अराइवल और इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन (ETA) जैसे फैक्टर्स को शामिल किया जाता है। जितने ज्यादा देशों में कोई व्यक्ति बिना एडवांस वीजा के प्रवेश कर सकता है, उतना ही उसका पासपोर्ट मजबूत माना जाता है।
किन देशों ने बदला नियम?
रिपोर्ट के अनुसार, दो देशों ने भारतीय नागरिकों के लिए वीजा-फ्री सुविधा बंद कर दी है:
- ईरान – नवंबर 2025 से आम भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए वीजा-फ्री एंट्री समाप्त।
- बोलीविया – 2026 से ई-वीजा सिस्टम लागू, यानी यात्रा से पहले ऑनलाइन आवेदन और अप्रूवल जरूरी।


