प्रेमी को बचाने के लिए पति की बलि, झांसी हत्याकांड में बड़ा खुलासा
झांसी में सामने आए एक दिल दहला देने वाले हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। रेलवे में वेंडर के रूप में काम करने वाले जगभान कुशवाहा की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसकी अपनी पत्नी किरण कुशवाहा ने अपने प्रेमी शिव कुमार लोधी के साथ मिलकर कराई थी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि हत्या की साजिश पत्नी ने बेहद योजनाबद्ध तरीके से रची थी। जगभान एक निजी कंपनी के तहत रेलवे वेंडर की नौकरी करता था। सीमित आय के बावजूद वह अपने बच्चों को बेहतर भविष्य देने का सपना देखता था। हर महीने कमाई का बड़ा हिस्सा वह परिवार को भेजता था ताकि बच्चों की पढ़ाई और घर का खर्च ठीक से चल सके।
लेकिन पत्नी किरण के जीवन में किसी और की एंट्री हो चुकी थी। करीब छह महीने पहले किरण की पहचान फेसबुक के जरिए शिव कुमार लोधी से हुई और दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। पति की गैरमौजूदगी में किरण उससे मिलने जाती थी। बाद में जब जगभान को इस रिश्ते की भनक लगी तो घर में विवाद बढ़ने लगा। पुलिस के अनुसार, किरण ने पति से मिले नौ हजार रुपये शिव कुमार को दिए थे ताकि वह अवैध तमंचा और कारतूस खरीद सके। यही हथियार बाद में जगभान की हत्या में इस्तेमाल हुआ। पूछताछ में यह भी सामने आया कि तमंचा कुछ दिनों तक किरण के ही पास रखा गया था और हत्या से पहले उसी ने शिव कुमार को सौंपते हुए कहा था कि अगर उसने जगभान को नहीं मारा तो वह उससे रिश्ता खत्म कर देगी।
एक फरवरी को झांसी रेलवे स्टेशन के पास हनुमान मंदिर के नजदीक झाड़ियों में जगभान की खून से सनी लाश मिलने से सनसनी फैल गई थी। शुरुआती जांच में पत्नी का व्यवहार संदिग्ध लग रहा था क्योंकि वह बार-बार बयान बदल रही थी और रिपोर्ट दर्ज कराने से भी बच रही थी। मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच में पुलिस को शिव कुमार तक सुराग मिला। काफी दिनों तक फरार रहने के बाद उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने हत्या में शामिल होने की बात कबूल कर ली। इसके बाद किरण और शिव कुमार के दोस्त धर्मेंद्र लोधी को भी गिरफ्तार किया गया। एसपी सिटी प्रीति सिंह के अनुसार, इस मामले में तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और हत्या में इस्तेमाल तमंचा व कारतूस बरामद कर लिए गए हैं।


