उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत सोमवार को तीखे राजनीतिक माहौल के बीच हुई। सदन में जैसे ही आनंदी बेन पटेल का अभिभाषण शुरू हुआ, विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जोरदार विरोध दर्ज कराया। इस दौरान समाजवादी पार्टी के विधायकों ने लगातार शोर-शराबा किया, जिससे सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई। हंगामे के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शांत मुद्रा में सदन में मेज थपथपाते हुए कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। वहीं, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सहित सत्तापक्ष के विधायकों ने ‘जय श्रीराम’ के नारों के साथ विपक्ष को जवाब दिया।
सदन के बाहर भी सपा विधायकों ने प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार PDA (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) समुदाय के हितों की अनदेखी कर रही है और जन-विरोधी नीतियां अपना रही है। इसी दौरान सपा विधायक सचिन यादव ने मणिकर्णिका घाट से जुड़े ध्वस्तीकरण के मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि जिन घाटों का विकास लगभग 300 वर्ष पहले रानी अहिल्याबाई होल्कर ने कराया था, वहां की ऐतिहासिक विरासत से छेड़छाड़ कर सरकार ने उनका अपमान किया है। कुल मिलाकर बजट सत्र के पहले ही दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जिससे आगामी दिनों में भी राजनीतिक तापमान ऊंचा रहने के संकेत मिल रहे हैं।


