जापान की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) ने आम चुनाव में प्रतिनिधि सभा में दो-तिहाई से अधिक सीटें जीतकर ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। इस परिणाम से प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची को अपनी रूढ़िवादी नीतियों और एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए मजबूत जनादेश मिला है। 465 सदस्यीय निचले सदन में 310 से ज्यादा सीटों के साथ एलडीपी अब संवैधानिक संशोधन जैसे बड़े फैसलों की दिशा में आगे बढ़ सकती है। इसके अलावा, यदि ऊपरी सदन (हाउस ऑफ काउंसलर्स) किसी विधेयक को अस्वीकार भी करता है, तो एलडीपी उसे निचले सदन के जरिए पारित कराने की स्थिति में होगी, जहां सत्तारूढ़ गठबंधन पहले से मजबूत है।
पार्टी की इस सफलता का श्रेय काफी हद तक ताकाइची की बढ़ती लोकप्रियता को दिया जा रहा है। एलडीपी ने अपने सहयोगी जापान इनोवेशन पार्टी के साथ मिलकर संसद में प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। इससे अक्टूबर में पदभार संभालने के बाद ताकाइची की राजनीतिक स्थिति और सुदृढ़ हो गई है। जीत के बाद एक टीवी कार्यक्रम में ताकाइची ने कहा कि चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा करना उनकी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मौजूदा मंत्रिमंडल में बड़े बदलाव की संभावना कम है, क्योंकि इसे जनता का अच्छा समर्थन मिल रहा है। इस बीच, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ताकाइची को उनकी जीत पर बधाई दी। सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा संदेश में उन्होंने कहा कि भारत-जापान की विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी शांति, स्थिरता और समृद्धि को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती है।


