मैनपुरी में टिंडौली रेलवे क्रॉसिंग पर गेट न खोलने को लेकर हुए विवाद में पुलिस विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। गेटमैन के साथ मारपीट और सरकारी पिस्टल से डराने-धमकाने के मामले में एसपी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एसओजी टीम प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है, जबकि चार अन्य को लाइन हाजिर किया गया है। दन्नाहार थाना क्षेत्र के गांव रठेरा निवासी गेटमैन अवध किशोर टिंडौली रेलवे क्रॉसिंग संख्या 29 पर तैनात थे। रविवार देर रात कालिंदी एक्सप्रेस के गुजरने से पहले एसओजी टीम वहां पहुंची और फाटक खोलने का दबाव बनाने लगी। गेटमैन के मना करने पर आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट की और सरकारी पिस्टल दिखाकर धमकाया।
घटना के दौरान काफी देर तक सिग्नल न मिलने से कालिंदी एक्सप्रेस को भी ट्रैक पर रोकना पड़ा। सूचना मिलने पर आरपीएफ और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में घटना के सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिसके आधार पर दन्नाहार थाने में अज्ञात कार सवारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की जांच के बाद एसपी गणेश प्रसाद साहा ने टीम प्रभारी जितेंद्र चंदेल, आरक्षी मोहन, प्रदीप सोलंकी और एसआई महेंद्र प्रताप को निलंबित कर दिया है। वहीं आरक्षी आजाद समेत चार अन्य पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।


