चीन-रूस संबंधों में नई ऊर्जा, जिनपिंग और पुतिन ने की अहम बातचीत
चीन और रूस के राष्ट्रपतियों के बीच एक बार फिर उच्चस्तरीय संवाद हुआ है, जिसमें दोनों देशों ने अपने रणनीतिक रिश्तों को और मज़बूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिये बातचीत की। यह संवाद ऐसे समय पर हुआ है जब यूक्रेन युद्ध को लेकर चीन और पश्चिमी देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद कई पश्चिमी नेता बीजिंग से रिश्ते बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हाल ही में ब्रिटेन और कनाडा के प्रधानमंत्री चीन का दौरा कर चुके हैं, जबकि जर्मनी के चांसलर के भी इस महीने के अंत तक बीजिंग जाने की संभावना जताई जा रही है।
पुतिन ने चीन के साथ सहयोग को बताया अहम
वार्ता के दौरान पुतिन ने चीन के साथ बढ़ते आर्थिक और ऊर्जा सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में दोनों देशों की साझेदारी आपसी लाभ पर आधारित है। इसके अलावा, परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण इस्तेमाल, अंतरिक्ष अनुसंधान और औद्योगिक हाई-टेक परियोजनाओं में भी दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं। पुतिन ने रूसियों के लिए चीन द्वारा वीज़ा-फ्री एंट्री की सुविधा का भी स्वागत किया और कहा कि दोनों देशों के रिश्ते हर मौसम में “वसंत” जैसे बने रहते हैं।
शी जिनपिंग का संदेश
शी जिनपिंग ने कहा कि दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों के भविष्य के लिए एक नई व्यापक योजना पर चर्चा करेंगे और महत्वपूर्ण रणनीतिक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। उनके अनुसार, यह समय चीन-रूस रणनीतिक सहयोग को और गहरा करने का ऐतिहासिक अवसर है।
यूक्रेन युद्ध पर चीन का रुख बरकरार
इस बातचीत को रूस के लिए यह संकेत माना जा रहा है कि यूक्रेन युद्ध पर चीन की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। पश्चिमी देश चीन पर रूस से दूरी बनाने का दबाव बना रहे हैं, लेकिन चीन ने अब तक रूस के साथ व्यापार और कूटनीतिक संपर्क बनाए रखे हैं। हाल ही में रूस की सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु बीजिंग पहुंचे थे, जहां उनकी मुलाकात चीन के शीर्ष विदेश नीति अधिकारी वांग यी से हुई। दोनों पक्षों ने सहमति जताई कि वैश्विक अस्थिरता के दौर में चीन और रूस को आपसी सहयोग और घनिष्ठ संबंध बनाए रखने चाहिए।


