कोलकाता: पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के अलग-अलग इलाकों में करीब 10 स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित अवैध कोयला खनन और उसके परिवहन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई है। सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के प्रावधानों के तहत कई संदिग्ध ठिकानों पर तलाशी ली। इन स्थानों में एक राज्य पुलिस अधिकारी मनोरंजन मंडल का ठिकाना भी शामिल बताया जा रहा है।
कई नाम जांच के दायरे में
ईडी की इस ताजा कार्रवाई में किरण खान, शेख अख्तर, प्रबीर दत्ता और मिर्जा एच. बेग सहित अन्य लोगों के परिसरों की भी तलाशी ली गई। अधिकारियों का कहना है कि यह जांच उस कथित कोयला घोटाले से अलग है, जिसकी पड़ताल पहले से एक केंद्रीय एजेंसी कर रही है। गौरतलब है कि पिछले महीने एजेंसी ने कोलकाता स्थित राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के कार्यालयों पर भी छापेमारी की थी, जिसे लेकर सियासी हलकों में काफी चर्चा हुई थी।
सुप्रीम कोर्ट में टकराव, सुनवाई टली
इस मामले में कानूनी मोर्चे पर भी हलचल तेज है। ईडी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार का जवाबी हलफनामा उन्हें हाल ही में प्राप्त हुआ है और उस पर जवाब दाखिल करने के लिए समय चाहिए। इसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई स्थगित कर दी। दरअसल, पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर I-PAC कार्यालय पर छापेमारी के दौरान राज्य प्रशासन के हस्तक्षेप को लेकर ईडी की याचिका को चुनौती दी है। सरकार ने यह भी तर्क दिया कि इसी तरह का एक मामला पहले से कलकत्ता उच्च न्यायालय में लंबित है।
शीर्ष अधिकारियों को नोटिस
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली शामिल थे, ने 15 जनवरी को ममता बनर्जी, पश्चिम बंगाल सरकार, डीजीपी राजीव कुमार और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी किया था।


