सुबह-सुबह बदला मौसम, लखनऊ में अंधेरा छाया और थमी शहर की रफ्तार
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत अवध क्षेत्र में मंगलवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ले ली। सुबह होते ही आसमान में घने काले बादल छा गए और देखते ही देखते बूंदाबांदी शुरू हो गई। कुछ ही देर में बारिश ने रफ्तार पकड़ ली। कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई। कैसरगंज, शास्त्रीनगर, कुंदरकी, रकाबगंज सहित कई इलाकों में बारिश के साथ ठंडी हवाओं ने मौसम को और सर्द बना दिया।
सुबह करीब 9 बजे लखनऊ में बादलों की गतिविधि अचानक तेज हो गई। आसमान में अंधेरा छा गया और फिर गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। मौसम के इस अचानक बदलाव का असर शहर की दिनचर्या पर साफ नजर आया। स्कूल, दफ्तर और जरूरी कामों के लिए घर से निकले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। कई जगह लोग बारिश में भीगते दिखे, वहीं सड़कों पर वाहनों की गति भी काफी धीमी हो गई।
मौसम विभाग पहले ही इस बदलाव को लेकर अलर्ट जारी कर चुका था। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक मंगलवार तक ही छिटपुट बारिश की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर पड़ने के बाद बुधवार से मौसम साफ होने लगेगा। इसके साथ ही तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
मंगलवार को मौसम विभाग ने बुंदेलखंड क्षेत्र के हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर जिलों में बूंदाबांदी के साथ ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। इन इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं प्रदेश के 23 जिलों में अत्यधिक घने कोहरे की आशंका जताई गई है। इस दौरान जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पश्चिमी यूपी में शुरू हुई बारिश का दायरा मंगलवार को बुंदेलखंड, विंध्य क्षेत्र और प्रयागराज मंडल तक फैल सकता है। यह मौसम परिवर्तन 4 फरवरी तक बना रहेगा। इसके बाद कोहरे में कमी आएगी और तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिलेगी।
इन जिलों में घने से बहुत घने कोहरे की संभावना जताई गई है:
देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली और पीलीभीत सहित आसपास के इलाके।


