राउज़ एवेन्यू स्थित अदालत ने शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा हथियार कारोबारी संजय भंडारी की संपत्तियां जब्त करने की मांग पर फैसला सुरक्षित रख लिया। विशेष न्यायाधीश संजय जिंदल ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि आदेश 16 फरवरी को सुनाया जाएगा। भंडारी को पहले ही भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जा चुका है।
ईडी की ओर से पेश वकीलों ने अदालत में कहा कि जिन संपत्तियों का सीधा संबंध भंडारी से है, उन्हें जब्त किया जाना चाहिए। एजेंसी ने बताया कि भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित होने के बाद इस संबंध में आवेदन दायर किया गया था, हालांकि इस आदेश को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी जा चुकी है। ईडी के विशेष वकील ने यह भी दलील दी कि अब तक भंडारी की संपत्तियों पर किसी ने आपत्ति नहीं जताई है, इसलिए जब्ती की कार्रवाई उचित है। एजेंसी ने अदालत को यह भी अवगत कराया कि भारत के बाहर मौजूद संपत्तियों की जब्ती के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत पत्र भेजे जाने हैं। ईडी का कहना है कि जब्ती की प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आरोपी कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए देश छोड़कर न भाग सकें।
इससे पहले 12 जुलाई को अदालत ने भंडारी को वैधानिक उपाय अपनाने के लिए समय दिया था। 5 जुलाई, 2025 को उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया था। जांच एजेंसी के अनुसार, भंडारी और उनकी पत्नी के नाम पर भारत, दुबई और ब्रिटेन में कई संपत्तियां, बैंक खाते, आभूषण, नकदी और दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न इलाकों में अचल संपत्ति दर्ज हैं। दिल्ली की एक विशेष अदालत ने आयकर से जुड़े मामले में, जिसमें विदेशी संपत्तियों का खुलासा न करने का आरोप है, ईडी की याचिका पर सुनवाई करते हुए भंडारी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि ब्रिटेन की अदालत द्वारा प्रत्यर्पण से इनकार का इस मामले की कार्यवाही पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि यह प्रक्रिया भारतीय कानून के तहत स्वतंत्र रूप से चलती है।


