मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन, मेरठ के बहसूमा क्षेत्र में बढ़ी पुलिस तैनाती

मेरठ के बहसूमा क्षेत्र के एक गांव में दुष्कर्म पीड़िता की इलाज के दौरान मौत के बाद माहौल बेहद संवेदनशील हो गया है। किशोरी पिछले तीन दिनों से वेंटिलेटर पर भर्ती थी और जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही थी, लेकिन शुक्रवार शाम उसने दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल फैल गया। शव गांव पहुंचने पर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। शव को एंबुलेंस से उतारते ही उन्होंने विरोध जताया और कुछ समय तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। करीब 40 मिनट तक समझाइश के बाद पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को शांत कराया, जिसके बाद किशोरी के भाई ने अंतिम संस्कार के लिए सहमति दी।

इस दौरान ग्रामीणों ने पीड़िता के परिवार को मुआवजा देने की मांग उठाई और नारेबाजी भी की। पुलिस ने स्थिति को काबू में रखते हुए शव को श्मशान घाट तक पहुंचाया। एहतियातन प्रशासन ने गांव की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। सभी प्रमुख रास्तों पर पुलिस बल तैनात कर बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को टाला जा सके।
तनावपूर्ण हालात को देखते हुए मीडिया के गांव में जाने पर भी फिलहाल पाबंदी लगाई गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम शांति व्यवस्था बनाए रखने और अफवाहों को रोकने के लिए उठाया गया है। देर रात से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी गांव में डेरा डाले हुए हैं। आवाजाही पर नजर रखी जा रही है और हर गतिविधि की मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि हालात सामान्य बनाए रखे जा सकें।


