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तीन चरणों में विकसित होगा आगरा अर्बन सेंटर, सोलर पार्क से लेकर लॉजिस्टिक हब तक बड़ी तैयारी

आईटी, टूरिज्म और नॉन-पॉल्यूटिंग इंडस्ट्री का गढ़ बनेगा आगरा अर्बन सेंटर

यमुना एक्सप्रेसवे के दोनों ओर प्रस्तावित आगरा अर्बन सेंटर को एक योजनाबद्ध, हरित और उद्योग-अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। इसके लिए तैयार महायोजना-2041 के ड्राफ्ट को स्थानीय प्रशासन के सामने पेश किया गया, जिसमें आईटी, पर्यटन और गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों पर खास जोर दिया गया है। बैठक की अध्यक्षता मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने की, जहां अधिकारियों को बताया गया कि इस मास्टर प्लान की तकनीकी समीक्षा विशेषज्ञ संस्थानों से कराई गई है और प्राप्त सुझावों को संशोधित ड्राफ्ट में समाहित किया गया है। यह नया शहरी क्षेत्र लगभग 15 लाख लोगों के लिए आवास, रोजगार और आधुनिक सुविधाओं का केंद्र बनेगा।

तीन चरणों में होगा विकास, रोजगार पर फोकस

प्रस्तावित अर्बन सेंटर का निर्माण तीन चरणों में किया जाएगा। यहां प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों की अनुमति नहीं होगी। प्राथमिकता आईटी सेवाओं, डाटा सेंटर, पर्यटन, लॉजिस्टिक पार्क और फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को दी जाएगी। औद्योगिक गतिविधियों के लिए लगभग 3,000 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है, जिससे करीब 10 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान है। आवासीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 1,878 हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न आय वर्गों—एचआईजी, एमआईजी, एलआईजी और ईडब्ल्यूएस—के लिए योजनाबद्ध कॉलोनियां बसाई जाएंगी।

पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के लिए 405 हेक्टेयर में विशेष जोन प्रस्तावित हैं, जहां फाइव-स्टार होटल, रिसॉर्ट, प्रदर्शनी केंद्र, रिवरफ्रंट, थीम पार्क और वेलनेस सेंटर विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा गोल्फ कोर्स, स्पोर्ट्स विलेज और जैव विविधता पार्क भी योजना का हिस्सा हैं, जिससे आगरा की पर्यटन क्षमता को नया आयाम मिलेगा।

हरित ऊर्जा और आधारभूत ढांचे पर जोर

शहर को ऊर्जा-सक्षम बनाने के लिए 256 मेगावाट क्षमता का सोलर पार्क स्थापित किया जाएगा। बेहतर कनेक्टिविटी के लिए सड़क नेटवर्क, इंटरचेंज और सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं को विस्तार दिया जाएगा। सीवेज ट्रीटमेंट के लिए सात एसटीपी प्लांट लगाए जाएंगे, जिनकी कुल क्षमता 335 एमएलडी होगी। जल आपूर्ति के लिए निचली गंगा नहर, यमुना नदी और वर्षा जल संचयन का सहारा लिया जाएगा।

ताज संरक्षण के दायरे में रहेगा विकास

यह पूरा क्षेत्र ताज ट्रिपेजियम जोन के अंतर्गत आता है, इसलिए प्रदूषण नियंत्रण के सख्त नियम लागू होंगे ताकि Taj Mahal पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। निगरानी के लिए Supreme Court of India द्वारा गठित समिति भी दिशानिर्देश तय करती है।

58 गांव होंगे परियोजना का हिस्सा

इस महत्वाकांक्षी योजना में आगरा के 58 गांवों की भूमि शामिल की जाएगी। संबंधित विभागों से सुझाव लेकर प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए बोर्ड के सामने रखा जाएगा, जिसके बाद आपत्तियों और सुझावों की प्रक्रिया शुरू होगी।

भूमि उपयोग का खाका

मास्टर प्लान के तहत भूमि उपयोग का संतुलन इस तरह रखा गया है कि आवासीय, औद्योगिक, वाणिज्यिक और हरित क्षेत्रों का समुचित विकास हो सके। सड़क व आधारभूत संरचना, हरित पट्टी, पर्यटन और लॉजिस्टिक गतिविधियों के लिए भी अलग-अलग प्रतिशत तय किए गए हैं, जिससे शहरी विस्तार सुव्यवस्थित तरीके से आगे बढ़े।

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