दिल्ली में एक बार फिर सोशल मीडिया पर बने रिश्तों की सच्चाई सामने आई है। दोस्ती, प्यार और महंगे विदेशी गिफ्ट का सपना दिखाकर एक महिला से लाखों रुपये ठग लिए गए। दिल्ली पुलिस की नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट साइबर सेल ने इस अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश करते हुए इसके मास्टरमाइंड समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
ऐसे रची गई ठगी की साजिश
बुराड़ी इलाके में रहने वाली 40 वर्षीय महिला ने NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता के अनुसार अप्रैल 2025 में व्हाट्सएप पर ‘नितिन पटेल’ नाम के व्यक्ति ने उससे संपर्क किया। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी, भरोसा बना और आरोपी ने विदेश से महंगे गिफ्ट और 50 हजार पाउंड भेजने का दावा किया। कुछ ही दिनों बाद महिला को खुद को एयरपोर्ट अधिकारी बताने वाले लोगों के फोन आने लगे। कस्टम ड्यूटी, लेट फीस और क्लियरेंस चार्ज के नाम पर बार-बार पैसे मांगे गए। डर और भरोसे के बीच महिला ने अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कर दी, जिससे कुल 4 लाख 20 हजार रुपये की ठगी हो गई।
तकनीकी जांच से खुला पूरा नेटवर्क
शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस स्टेशन नॉर्थ की टीम ने तकनीकी सर्विलांस, बैंक खातों की जांच और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के जरिए पूरे नेटवर्क को खंगालना शुरू किया। जांच के दौरान पहले एक नाबालिग आरोपी को पकड़ा गया, जिसकी निशानदेही पर अंश और कुनाल नाम के दो अन्य युवकों को गिरफ्तार किया गया। ये दोनों फर्जी सिम कार्ड और बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने का काम करते थे।
मास्टरमाइंड गिरफ्तार, भारी मात्रा में सामान बरामद
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने जाल बिछाया और बुराड़ी इलाके से नाइजीरियन नागरिक कुलीबाली अमारा को गिरफ्तार कर लिया, जो इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 22 मोबाइल फोन, 14 सिम कार्ड (जिसमें 3 यूके के सिम शामिल हैं), डेबिट कार्ड, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट और चैट रिकॉर्ड बरामद किए हैं।
पुलिस की चेतावनी
दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करते समय सावधानी बरतें और विदेश से गिफ्ट या पैसे भेजने के दावों पर बिल्कुल भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें।


